Masik Durga Ashtami: घर की परेशानियां कभी अचानक नहीं आतीं-धीरे-धीरे जमा होती हैं. कभी पैसों का तनाव, कभी रिश्तों में खटास, तो कभी काम में अड़चन. ऐसे वक्त में लोग अक्सर किसी सहारे की तलाश करते हैं. इसी बीच 24 फरवरी, मंगलवार को पड़ रही फाल्गुन शुक्ल पक्ष की मासिक दुर्गाष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिख रहा है. मान्यता है कि हर महीने आने वाली यह तिथि देवी शक्ति की कृपा पाने का मौका देती है. कई लोग इसे “छोटी नवरात्रि” जैसा ही मानते हैं, जब साधारण से उपाय भी बड़ा असर दिखा सकते हैं. मंदिरों में पूजा की तैयारी शुरू हो चुकी है और घर-घर में माता की चौकी सजाने की बात चल रही है. माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा और छोटे-छोटे उपाय जीवन की उलझनों को सुलझाने में मदद करते हैं.
मासिक दुर्गाष्टमी क्यों मानी जाती है खास
पंचांग के मुताबिक हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाती है. चंद्रमा के बढ़ते चरण का आठवां दिन देवी ऊर्जा के उभार का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक परंपराओं में इसे शक्ति जागरण का समय कहा गया है. यही वजह है कि कई घरों में इस दिन उपवास, मंत्रजाप और स्तोत्र पाठ की परंपरा है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी तिथि पर किए गए देवी उपाय नकारात्मक ग्रह प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं. गांवों से लेकर शहरों तक, खासकर उत्तर और मध्य भारत में महिलाएं इस दिन माता की विशेष पूजा करती हैं. कई जगह इसे पारिवारिक सुख-शांति से भी जोड़ा जाता है.
1. घर-परिवार की शांति के लिए क्या करें
परिवार में छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ना आज आम बात है. ऐसे में दुर्गाष्टमी पर लाल चुनरी अर्पित करने का उपाय काफी लोकप्रिय है. पूजा के दौरान माता को सिंदूर, फूल और मिठाई चढ़ाकर “सर्व मंगल मांगल्ये…” मंत्र का 11 बार जप करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि इससे घर का माहौल शांत होता है और रिश्तों में नरमी आती है. कई परिवारों में यह उपाय पीढ़ियों से चलता आया है. बुजुर्ग बताते हैं कि नियमित रूप से अष्टमी पूजा करने से घर में कलह कम होती है और मन भी स्थिर रहता है.
2. कर्ज और आर्थिक परेशानी से राहत के उपाय
आज के समय में सबसे बड़ी चिंता पैसों की होती है. नौकरी में अनिश्चितता और बढ़ते खर्च ने लोगों को मानसिक दबाव में डाल दिया है. ऐसे में दुर्गाष्टमी पर पांच सफेद कौड़ियां लाल कपड़े में बांधकर देवी को अर्पित करने का उपाय काफी प्रचलित है. पूजा के बाद इन्हें घर के धन स्थान या तिजोरी में रखा जाता है. मान्यता है कि इससे धन का ठहराव बढ़ता है और कर्ज से राहत मिलती है. ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि कौड़ी को लक्ष्मी प्रतीक माना जाता है, इसलिए देवी पूजन में इसका प्रयोग शुभ माना गया है.
3. व्यापार और करियर में सफलता के लिए उपाय
व्यापार में रुकावट या करियर में ठहराव भी लोगों की बड़ी समस्या है. दुर्गाष्टमी पर एकाक्षी नारियल अर्पित करने की परंपरा इसी से जुड़ी है. पूजा के दौरान नारियल को सात बार कलावे से लपेटकर देवी को अर्पित किया जाता है. मान्यता है कि यह उपाय अड़चनों को दूर करने और अवसरों को आकर्षित करने में सहायक होता है. कई व्यापारी इसे अपने व्यवसाय स्थल पर भी रखते हैं. लोकविश्वास के अनुसार, देवी शक्ति से जुड़ा यह प्रतीक निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने का संकेत माना जाता है.
4. आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन का दिन
मासिक दुर्गाष्टमी सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन का भी अवसर मानी जाती है. उपवास और मंत्रजाप से मन एकाग्र होता है. कई लोग इस दिन ध्यान या साधना भी करते हैं. धर्मशास्त्रों में अष्टमी को शक्ति और संरक्षण का दिन कहा गया है. मान्यता है कि इस दिन देवी की आराधना व्यक्ति को भय, तनाव और असुरक्षा की भावना से मुक्त करती है. आधुनिक जीवन की भागदौड़ में यह आस्था लोगों को भावनात्मक सहारा देती है.
पूजा करते समय ध्यान रखने वाली बातें
दुर्गाष्टमी पर पूजा से पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनना जरूरी माना गया है. पूजा स्थान को स्वच्छ रखकर दीपक और धूप जलाना शुभ माना जाता है. कई परिवारों में कन्या पूजन भी किया जाता है, जिसे देवी स्वरूप का सम्मान माना जाता है. धार्मिक जानकारों का कहना है कि उपाय से ज्यादा भावना महत्वपूर्ण होती है. श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ की गई पूजा ही फलदायी मानी जाती है. इसलिए दिखावे से ज्यादा मन की एकाग्रता पर जोर दिया जाता है.
मासिक दुर्गाष्टमी आस्था और उम्मीद का संगम मानी जाती है. यह वह दिन है जब लोग अपने जीवन की उलझनों से राहत की कामना करते हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से किए गए छोटे उपाय भी जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.


