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फ्लोर मिल एक ऐसा बिजनेस है जहां आप कम लागत में अपने बिजनेस की शुरूआत कर सकते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार मिल सकता है. फ्लोर मिल खोलने के लिए आप इसे बिजली की मोटर के माध्यम से संचालित कर सकते हैं या फिर जनरेटर खरीदना होगा.
सुल्तानपुरः कई लोगों का यह सपना होता है कि वह अपना खुद का व्यापार करें लेकिन पूंजी की कमी और निवेश करने की क्षमता कम होने की वजह से वह अपने सपने को पूरा नहीं कर पाते और वह बिजनेस आइडिया के अभाव में भी अपने सपने को पूरा करने में असमर्थ होते हैं. ऐसे में आज हम बताने वाले हैं एक ऐसे बिजनेस आइडिया के बारे में जिसको यदि वह शुरू करते हैं तो इसमें सरकार द्वारा भी 10 लाख रुपए उनको बतौर पूंजी के रूप में दिया जाएगा. दरअसल हम बात कर रहे हैं फ्लोर मिल की जिसमें वे अपने गांव में या शहर में फ्लोर मिल लगाकर इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं.
ऐसे करें फ्लोर मिल का शुरूआत
फ्लोर मिल खोलने के लिए कोई भी पुरुष या महिला मात्र 50 हजार रुपये से इसकी शुरुआत कर सकता है. अगर बड़े स्तर पर फ्लोर मिल खोलना है तो 1 से 2 लाख रुपये तक निवेश करना पड़ेगा. इससे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. यह एक ऐसा बिजनेस है जहां आप कम लागत में अपने बिजनेस की शुरूआत कर सकते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार मिल सकता है.
फ्लोर मिल खोलने के लिए आप इसे बिजली की मोटर के माध्यम से संचालित कर सकते हैं या फिर जनरेटर खरीदना होगा. इसके साथ ही आटा पीसने की मशीन,वजन करने के लिए इलेक्ट्रिक नापतोल मशीन आदि खरीदना पड़ेगा इसके साथ ही आप इस बिजनेस में आटा पीसकर और उसकी पैकेजिंग करके मार्केट में बेच सकते हैं इसके लिए आपको खाद्य विभाग से लाइसेंस लेना पड़ेगा.
उद्यानिकी विभाग में इस योजना का ले सकते हैं लाभ
लोकल 18 से बातचीत के दौरान जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह बताते हैं कि फ्लोर मिल खोलने के लिए किसानों और पात्र लोगों को सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जा रही है. PMFME योजना के तहत इसमें आवेदन किया जाता है और इसका लाभ ले सकते हैं. इसके लिए MyScheme पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है. और आफलाइन डाक्यूमेंट्स विभाग में जमा करना होता है.
इतने प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी
पीएम एफ एम ई योजना के तहत आटा चक्की लगाने पर पात्र लोगों को परियोजना लागत का 35% अनुदान दिया जाता है. अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति यूनिट तक तय की गई है. आवेदन करने वाले को एकल सूक्ष्म उद्यम, स्वयं सहायता समूह और अन्य किसी पात्र समूह के तहत पंजीकरण करना होगा. इस योजना में सिर्फ वित्तीय मदद ही नहीं, बल्कि ट्रेनिंग, बाजार और मार्केटिंग जैसी सुविधाएं भी मिलेगी. यह एक ऐसा बिजनेस है जो आप कभी भी शुरू कर सकते हैं यदि आपके पास पूंजी की कमी है तो आप सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रहे लोन का मदद ले सकते हैं और इसकी शुरुआत कर सकते हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें


