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CJI Suryakant News: पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट सख्त दिखा. कपिल सिब्बल की दलील पर सीजेआई सूर्यकांत ने आदेश का हवाला मांगा और ईआरओ नियुक्ति में देरी पर राज्य सरकार को फटकार लगाई. चुनाव आयोग से चरण-दर-चरण अनुपालन दिखाने को कहा है.
बंगाल एसआईआर मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत की कोर्ट में सिब्बल ने दी क्या दलील
नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल के एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की बेंच के सामने सुनवाई के दौरान तीखी बहस देखने को मिली. मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत की बेंच के सामने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दावा किया कि दस्तावेज अपलोड करने की समय-सीमा 21 फरवरी तक बढ़ाई गई थी, लेकिन 15 फरवरी से ही अपलोडिंग रोक दी गई और यही हो रहा है.
इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने सिब्बल को तुरंत टोकते हुए पूछा कि आप किस आदेश का जिक्र कर रहे हैं? सिब्बल ने जवाब में कोर्ट का ध्यान 9 फरवरी के आदेश के पैरा-6 की ओर दिलाया. इसके बाद सीजेआई ने सख्ती से कहा कि स्पेट बाइ स्टेप अनुपालन दिखाया जाए और पूछा कि ग्रुप ‘बी’ अधिकारियों के बजाय ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों की उपलब्धता पर क्या स्थिति है? क्या इलेक्शन कमीशन को योग्य ईआरओ (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) मिले?
चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डी.एस. नायडू ने बताया कि आयोग ने स्पष्ट रूप से योग्य अधिकारियों की मांग की थी और इस संबंध में पत्राचार भी हुआ है. उन्होंने कहा कि उपयुक्त ईआरओ की तलाश जारी है और संबंधित पत्र कोर्ट के समक्ष रखा गया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आदेशों के अनुपालन में कथित ढिलाई पर पश्चिम बंगाल सरकार के रुख पर कड़ी नाराज़गी जताई.
सीजेआई ने टिप्पणी की कि यह निराशाजनक है… हमारे आदेशों के बावजूद ऐसा हुआ. कोर्ट ने विशेष रूप से ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों को ईआरओ नियुक्त करने के मुद्दे पर राज्य सरकार को फटकार लगाई और अनुपालन की स्पष्ट रिपोर्ट मांगी.


