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रायपुर रिव्यू मीटिंग में गृह मंत्री के निर्देश पर सुरक्षाबलों ने 1 महीने में 175 से ज्यादा नक्सली स्मारक गिराए. इस ऑपरेशन में कोबरा बटालियन की भूमिका अहम रही. सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह ने बताया कि अगले 15-20 दिन में अभियान पूरा हो जाएगा. सुरक्षाबल अब एनकाउंटर के साथ नक्सलियों के इतिहास को भी मिटा रहे हैं.
सीआरपीएफ के डीजी ने बताया कि नक्सलियों के खात्मे का प्लान तैयार हो गया है. (एआई)
गुवाहाटी. देश में नक्सलियों के खात्मे का फाइनल काउंटडाउन शुरू हो गया है. सुरक्षाबल नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील ठोक रहे हैं. एनकाउंटर और सरेंडर के बाद अब उनकी विचारधारा को कुचला जा रहा है. न्यूज़18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि एक महीने के अंदर 175 से ज्यादा नक्सली स्मारक जमींदोज किए गए हैं.
आठ फरवरी 2026 को रायपुर में एक अहम रिव्यू मीटिंग हुई थी. इसमें गृह मंत्री ने इन स्मारकों को गिराने का कड़ा निर्देश दिया था. ये स्मारक लोगों के अंदर नक्सली विचारधारा को डेवलप करते थे. अब अगले 15-20 दिनों में बचे हुए सभी स्मारकों को भी मटियामेट कर दिया जाएगा. इसके साथ ही हथियारों को भी तेजी से जब्त किया जा रहा है. इस पूरे मिशन में कोबरा बटालियन का रोल सबसे बेहतरीन रहा है.
रायपुर रिव्यू मीटिंग में गृह मंत्री का कड़ा निर्देश
आठ फरवरी 2026 को रायपुर में गृह मंत्री ने अहम रिव्यू मीटिंग की थी. इस मीटिंग में नक्सल प्रभावित इलाकों के हालात पर लंबी चर्चा हुई. गृह मंत्री ने साफ कहा था कि नक्सली स्मारक उनकी विचारधारा को जिंदा रखते हैं. ये स्मारक नए लोगों को नक्सलवाद की तरफ खींचते हैं. इसलिए इनको जड़ से खत्म करना बहुत जरूरी है. इसी कड़े निर्देश के बाद सुरक्षाबलों ने अपना मेगा अभियान शुरू किया.
1 महीने में 175 से ज्यादा नक्सली स्मारक जमीदोज
डीजी सीआरपीएफ जीपी सिंह ने इस अभियान की पूरी डिटेल शेयर की है. उन्होंने बताया कि पूरे देश में नक्सलियों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. सुरक्षाबलों ने इस दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं. पिछले सिर्फ एक महीने में 175 से ज्यादा स्मारकों को तोड़ा जा चुका है. ये सभी स्मारक देश के अलग-अलग नक्सल प्रभावित इलाकों में बने हुए थे. सुरक्षाबल अब एनकाउंटर के साथ नक्सलियों के इतिहास को भी मिटा रहे हैं.
अगले 15 दिनों में मिटेगा नक्सलियों का नामोनिशान
सुरक्षाबलों का यह मेगा ऑपरेशन अभी भी पूरी ताकत से जारी है. डीजी जीपी सिंह ने साफ किया कि काम अभी थोड़ा बाकी है. अगले 15 से 20 दिनों में इलाके के सारे स्मारक गिरा दिए जाएंगे. इसके अलावा हथियारों को जब्त करने की प्रक्रिया भी काफी तेज हो गई है. रिव्यू मीटिंग में हथियारों को डंप करने का भी सख्त निर्देश मिला था. अब जवान इस काम को भी तेजी से पूरा कर रहे हैं.
कोबरा बटालियन का रोल शानदार
नक्सलियों के खिलाफ इस महाअभियान में कोबरा बटालियन सबसे आगे है. डीजी ने कोबरा बटालियन के काम की जमकर तारीफ की है. जीपी सिंह ने कहा, ‘कोबरा बटालियन का काम बेहद बेहतरीन रहा है’. ये बहादुर जवान अभी भी उन खतरनाक इलाकों में डटे हुए हैं. आने वाले दिनों में इनकी भूमिका और तैनाती पर नए सिरे से विचार किया जाएगा. सरकार अब नक्सलवाद को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देगी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें


