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Hi-tech Desi Murgi Palan: बस्तर के तीरथगढ़ की अनीता हाईटेक मुर्गी पालन कर लाखों की कमाई कर रही है. अनीता सोनालिका देसी वेरायटी की मुर्गी पालन कर रही है. अनीता से मुर्गी पालन सीखने दूसरे जिले से लोग आ रहे हैं. आइए जान लेते हैं उनकी सफलता की कहानी…
Hi-tech Desi Murgi Palan: बस्तर के लोग अब हाईटेक मुर्गी पालन कर रहे हैं. तीरथगढ़ की रहने वाली अनीता कश्यप हाईटेक तरीके से देशी मुर्गी पालन कर रही हैं.मुर्गी पालन से आज अनीता लाखों की कमाई भी कर रही हैं. आज अनीता कश्यप से मुर्गी पालन की ट्रेनिंग लेने के लिए दूसरे गांवों से भी लोग आते हैं. तीरथगढ़ की रहने वाली अनीता बरसात के दिनों में सब्जी उत्पादन करती हैं, वहीं गर्मी के समय में मुर्गी पालन करती हैं. अनीता देशी सोनालिका मुर्गी पालन कर रही हैं. लोकल 18 की टीम ने मुर्गी पालन कैसे करना चाहिए, इस विषय पर उनसे बातचीत की. अनीता बताती हैं कि मैंने अभी 1200 मुर्गी मंगाई थी, जिसमें से ब्रूडिंग करके 550 मुर्गी महिलाओं ने मुझसे खरीदी. ब्रूडिंग में पंद्रह दिन का समय लगता है. अभी मेरे पास 650 मुर्गी बची हुई है. इसमें पालन के लिए एक गोला बनाया जाता है, इसमें चुना डाला जाता है. इसके बाद दो इंच तक भूसा डाला जाता है. भूसे के ऊपर तीन लेयर में पेपर डाला जाता है, जैसे ही चूजे आते हैं, तुरंत गुड़-पानी पिलाना होता है. इसके बाद दोपहर में एंटीबायोटिक देना होता है. इस दवाई का नाम नियो डॉकस है, जिसे चार दिन तक लगातार पिलाना चाहिए. इसके बाद दाने में प्री-स्टार्टर खिलाया जाता है.
कहां से सिखा मुर्गी पालन
मैं पहले से ही सब्जी की खेती करती हूं. बरसात के सीजन में ही सब्जी की खेती का समय होता है. फिर मैंने सोचा कि मुर्गी पालन से घर बैठे आसानी से पैसा मिल जाएगा. मैं मुर्गी पालन कोंडागांव से सीखकर आई हूं. मैंने 2024 से 50 चूजों से शुरुआत की थी, आज 1200 चूजों की क्षमता है. इसमें अच्छा फायदा हुआ, इसके बाद बड़े स्तर पर करने का सोचा.
मेरा मुर्गी पालन शेड 60 फीट लंबा और 30 फीट चौड़ा है. शेड में तीन लाख रुपये का खर्च आया है. इस शेड में दो हजार मुर्गियों का पालन किया जा सकता है. पहली बार मैंने अपने लिए 600 और किसान दीदियों के लिए 600 मुर्गी उतारी.
मुर्गी का एक किलो वजन होने में दो महीने लग जाते हैं. एक किलो होने पर मुर्गी को बेच दूंगी. थोक में 290 रुपये में बेचूंगी, जबकि चिल्लर में 300–350 रुपये में बेचूंगी. एक मुर्गी को बढ़ाने में लगभग 100-140 रुपये खर्च आता है. चूजा 27 रुपये का पड़ता है. इन मुर्गियों को पंद्रह दिन तक स्टार्टर खिलाती हूं. एक महीने के बाद ग्रोवर खिलाती हूं. इसके बाद हरा चारा भी खिलाती हूं. मैं उन्हें टमाटर और पत्ता गोभी भी खिलाती हूं. बाजार में जो दाना मिलता है, वही खिलाती हूं. अभी 600 मुर्गी पाल रही हूं. इसमें खर्च निकालकर दो महीने में लगभग दो लाख रुपये तक मुनाफा होगा. इन मुर्गियों में बीमारियों का प्रकोप भी होता है, इसलिए समय पर दवाई देते रहना चाहिए. मुर्गियों को गर्म रखने के लिए बल्ब भी लगाया है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें


