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Holashtak 2026 Rashifal: 24 फरवरी से होलाष्टक की शुरू और 3 मार्च को समापन होगा. होलाष्टक का समय अशुभ माना जाता है और यह होली से पहले के आठ महत्वपूर्ण दिन होते हैं, जब लोगों को शुभ कार्य करने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इन दिनों ग्रहों की स्थिति शुभ फल नहीं देती है. इसलिए यह सख्त सलाह दी जाती है कि लोग गृह प्रवेश, नई नौकरी जॉइन करना या नया बिजनेस शुरू करने जैसे शुभ कार्यों से दूर रहें. होलाष्टक के दौरान कुछ राशियों के लोगों को इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आइए जानते हैं किन राशियों को होलाष्टक के दौरान सतर्क रहना चाहिए और क्यों.
Holashtak 2026 Rashifal: 24 फरवरी से होलाष्टक की शुरुआत हो चुकी है और 3 मार्च दिन मंगलवार को समापन होगा. हालांकि इस बार होलिका दहन की तिथि को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है लेकिन पंचांग के अनुसार 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली से पहले के ये 8 दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इस अवधि को अशुभ काल माना जाता है. इस दौरान ग्रह उग्र अवस्था में होते हैं इसलिए शुभ व मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, होलाष्टक के दौरान कर्क समेत 4 राशि वालों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है. आइए जानते हैं होलाष्टक के दौरान किन राशियों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है.
होलाष्टक में ग्रह रहते हैं उग्र और रुद्र
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के दिनों में ग्रहों की स्थिति उग्र मानी जाती है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर पूर्णिमा तक का समय अशुभ प्रभाव वाला होता है. इस दौरान आठ ग्रह उग्र भाव में रहते हैं. अष्टमी तिथि को चंद्रमा, नवमी तिथि को सूर्य, दशमी तिथि को शनि, एकादशी तिथि को शुक्र, द्वादशी तिथि को गुरु बृहस्पति, त्रयोदशी तिथि को बुध, चतुर्दशी तिथि को मंगल और पूर्णिमा तिथि को मायावी ग्रह राहु उग्र और रुद्र अवस्था में रहते हैं.
होलाष्टक के उग्र ग्रह का कर्क राशि पर प्रभाव
कर्क राशि पर चंद्रमा का प्रभाव होता है. होलाष्टक के दिन बहुत शक्तिशाली होते हैं और कई लोग अशुभ गतिविधियों में भी शामिल हो सकते हैं, इसलिए कर्क राशि वालों को सलाह दी जाती है कि वे किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की चीजें ना लें. चंद्रमा की ऊर्जा के कारण कर्क राशि के लोग पहले से ही संवेदनशील होते हैं और इन दिनों नकारात्मक ऊर्जा का असर उन पर ज्यादा हो सकता है. इसलिए इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
होलाष्टक के उग्र ग्रह का सिंह राशि पर प्रभाव
सिंह राशि पर सूर्य का प्रभाव होता है क्योंकि इस राशि के स्वामी सूर्य हैं. हालांकि वे सूर्य की ऊर्जा में रहते हैं, लेकिन इस समय केतु सिंह राशि में गोचर कर रहा है, जिससे वे थोड़े संवेदनशील हो सकते हैं. इन्हें अपने शत्रुओं से सावधान रहना चाहिए क्योंकि शत्रु इन दिनों उनकी छवि और चरित्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. बुरी नजर का भी असर हो सकता है, इसलिए इन्हें अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए और कोई शक्तिशाली ताबीज पहनना चाहिए.
होलाष्टक के उग्र ग्रह का धनु राशि पर प्रभाव
8 दिनों में धनु राशि वाले कामकाज में बेहद सावधानी बरतें और कार्यों को समय पर पूरा करने की सलाह दी जाती है. अगर आप नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं या फिर नई नौकरी में ज्वाइनिंग कर रहे हैं तो इस समय के बाद करेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा. होलाष्टक के दौरान धन का लेन-देन करने से बचें अन्यथा आपको नुकसान होने की आशंका बन रही है. साथ ही इस दौरान यात्रा करते समय भी सावधानी बरतें.
होलाष्टक के उग्र ग्रह का कुंभ राशि पर प्रभाव
कुंभ राशि पर शनि ग्रह का प्रभाव होता है. ग्रहों की स्थिति के अनुसार इस राशि में पंच-ग्रह योग (शुक्र, बुध, राहु, सूर्य और मंगल) बन रहा है, इसलिए इन्हें अशुभ गतिविधियों से बहुत सावधान रहना चाहिए. खुद को बुरी ऊर्जा से बचाने के लिए इन्हें आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए. इनके शत्रु इस समय सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए उन लोगों से सावधान रहें जो इन्हें पसंद नहीं करते या गुप्त शत्रु हैं.
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पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें


