How is Ajmer Gheeyar sweet made| Holi Special Gheeyar Recipe| Method of making Gheeyar| घीयर बनाने की विधि

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Traditional Sweet Gheeyar Recipe: होली से पहले अजमेर की गलियों में पारंपरिक मिठाई घीयर की खुशबू फैलने लगी है. यह मिठाई खास तौर पर सिंधी समाज की परंपरा से जुड़ी है और केवल होली के आसपास ही बनाई जाती है. शिवरात्रि के बाद से इसकी बिक्री शुरू होती है, जो करीब एक महीने तक चलती है. सीमित समय में मिलने के कारण इसकी मांग काफी रहती है. शुद्ध घी और खास विधि से बनी यह मिठाई रिश्तों की मिठास बढ़ाती है और त्योहार की रौनक को दोगुना कर देती है.

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अजमेर. रंगों के त्योहार होली से पहले ही अजमेर की गलियों में मिठास घुलने लगी है. बाजारों में गुलाल और पिचकारियों के साथ-साथ कड़ाहों में छनती पारंपरिक मिठाई घीयर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. जैसे-जैसे होली नजदीक आ रही है, इसकी खुशबू शहर के हर कोने में फैलती जा रही है. घीयर कोई आम मिठाई नहीं है, बल्कि इसे खासतौर पर होली के अवसर पर ही तैयार किया जाता है.

शिवरात्रि के बाद से इसकी बिक्री शुरू होती है और करीब एक महीने तक ही लोग इसका स्वाद ले पाते हैं. सीमित समय में उपलब्ध होने के कारण इसकी मांग काफी बढ़ जाती है और लोग इसे अपने रिश्तेदारों व दोस्तों के लिए भी खरीदते हैं. पारंपरिक स्वाद, शुद्ध घी और खास विधि से तैयार होने वाली यह मिठाई होली के त्योहार को और भी खास बना देती है.

दिलों के तार को जोड़ता है साल में एक बार मिलने वाला स्वाद

अजय नगर रोड स्थित लक्ष्मी मिष्ठान भंडार के विक्रेता ईश्वर चंदानी बताते हैं कि घीयर खास तौर पर सिंधी समाज की परंपरा से जुड़ी मिठाई है. होली के मौके पर इसे बहन-बेटियों और रिश्तेदारों को भेजने की परंपरा है. घर आने वाले मेहमानों का स्वागत भी घीयर से ही किया जाता है. बड़ों से लेकर बच्चों तक, हर उम्र के लोग इस खास स्वाद का इंतजार पूरे साल करते हैं. होली की उमंग और रिश्तों की मिठास को और गहरा करने वाली घीयर, अजमेर की त्योहार वाली पहचान बन चुकी है.

पाकिस्तान से आई है रेसिपी

चंदानी ने बताया कि यह मिठाई सिंधी समाज की पारंपरिक मिठाई है. सिंधी समाज के लोग जब पाकिस्तान से भारत आए थे, तब अपने साथ इस यह खास रेसिपी को लेकर वे राजस्थान आए. तभी से सिंधी समाज के लोग होली के मौके पर खास सिंधिया बनाते हैं. इसका स्वाद गजब होता है और इसे हर उम्र के लोग खाना पसंद करते हैं.

घर पर ऐसे आसानी से बनाएं पारंपरिक घीयर

अगर आप भी होली पर बाजार जैसी घीयर घर पर बनाना चाहते हैं, तो इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. घीयर बनाने के लिए सबसे पहले मैदा का पतला घोल तैयार करें और उसे लगभग एक दिन के लिए ढककर रख दें, ताकि वह अच्छी तरह सेट हो जाए. अगले दिन कड़ाही में घी गरम करें और घोल को जलेबी की तरह गोल आकार में घी में तलें. सुनहरा और कुरकुरा होने पर इन्हें निकालकर तुरंत चाशनी में डाल दें, जिससे इसमें अच्छी मिठास आ जाए.चंदानी बताते हैं कि घीयर की खासियत यह है कि यह 10 से 15 दिनों तक खराब नहीं होती, इसलिए इसे रिश्तेदारों को भेजने में भी आसानी रहती है. होली पर पूजा में भी इसका विशेष उपयोग किया जाता है.

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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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