Pickle Shelf Life: दाल-चावल, पराठा या सादा रोटी-सब्जी-इन सबके साथ अगर अचार मिल जाए तो खाने का मजा कई गुना बढ़ जाता है. एक चम्मच अचार प्लेट में आते ही स्वाद में खटास, तीखापन और मसालों की खुशबू जुड़ जाती है, जो पूरे खाने को चटपटा बना देती है. यही वजह है कि भारतीय किचन में अचार हमेशा खास जगह रखता है. आम का हो, नींबू का या मिक्स सब्जियों का-हर घर में अलग-अलग तरह का अचार मिलता है और लोग इसे सालों तक संभालकर रखते हैं.
लेकिन अक्सर ये सवाल मन में आता है कि अचार आखिर कितने समय तक सही रहता है? क्या घर का अचार जल्दी खराब होता है? क्या बाजार का अचार ज्यादा चलता है? और कौन सा अचार कितने महीनों या सालों तक सुरक्षित रहता है? असल में अचार की लाइफ इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें तेल, नमक या सिरका कितना है और उसे कैसे रखा गया है. सही जानकारी हो तो अचार लंबे समय तक स्वाद और क्वालिटी दोनों बनाए रख सकता है.
अचार कितने समय तक चलता है?
अचार की शेल्फ लाइफ तय करने में तीन चीजें सबसे अहम होती हैं-नमी, नमक/तेल की मात्रा और स्टोरेज का तरीका. अगर अचार पूरी तरह तेल या नमक के घोल में डूबा रहे और उसे सूखे, साफ जार में रखा जाए, तो वह लंबे समय तक खराब नहीं होता. वहीं अगर उसमें नमी चली जाए या चम्मच गीला हो, तो फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए अलग-अलग अचार की लाइफ भी अलग होती है.
अलग-अलग अचार की शेल्फ लाइफ
1. तेल वाला अचार (आम, नींबू आदि)
तेल में डूबा अचार सबसे ज्यादा टिकाऊ माना जाता है. जब अचार पूरी तरह सरसों या तिल के तेल में डूबा रहता है, तो हवा और नमी अंदर नहीं पहुंच पाती. ऐसे अचार आराम से 1 से 3 साल तक चल सकते हैं. कई बार पुराने आम के अचार का स्वाद और भी गहरा हो जाता है.
2. नमक वाला अचार
जिन अचारों में नमक ज्यादा होता है और तेल कम या नहीं होता, उनकी लाइफ थोड़ी कम होती है. नमक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है, इसलिए ये अचार करीब 6 महीने से 1 साल तक सुरक्षित रहते हैं. लेकिन इन्हें हमेशा सूखे और बंद जार में रखना जरूरी है.
3. सिरके वाला अचार
सिरका एक नेचुरल प्रिजर्वेटिव है, इसलिए सिरके वाले अचार भी लंबे समय तक चलते हैं. सही तरीके से बनाए और स्टोर किए गए सिरके वाले अचार 1 से 2 साल तक ठीक रहते हैं. इनमें फफूंदी का खतरा कम होता है.
4. घर का बना अचार
घर का अचार कितना चलेगा, यह पूरी तरह सफाई और स्टोरेज पर निर्भर करता है. अगर मसाले सूखे हों, जार साफ हो और अचार में पानी न जाए, तो घर का अचार 6 महीने से 1 साल तक आसानी से चल सकता है. तेल ज्यादा हो तो यह समय और बढ़ सकता है.
5. बाजार का अचार
फैक्ट्री में बने अचार में प्रिजर्वेशन और पैकिंग बेहतर होती है, इसलिए बंद पैक अचार की लाइफ ज्यादा होती है. लेकिन पैकेट या बोतल खुलने के बाद इसे भी घर के अचार की तरह ही संभालकर रखना चाहिए. खोलने के बाद आमतौर पर 6 महीने से 1 साल तक इसका स्वाद सही रहता है.
अचार को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखने के आसान टिप्स
-हमेशा सूखा और साफ चम्मच ही अचार निकालने के लिए इस्तेमाल करें.
-अचार पूरी तरह तेल या नमक के घोल में डूबा होना चाहिए.
-जार में पानी या नमी बिल्कुल न जाने दें.
-इस्तेमाल के बाद ढक्कन कसकर बंद करें.
-अचार को धूप और ज्यादा गर्मी से दूर रखें.
-समय-समय पर देखें कि तेल ऊपर तक है या नहीं; जरूरत हो तो थोड़ा गर्म करके ठंडा तेल डाल सकते हैं.
अचार रखने का सही तरीका
1. सही जार चुनें
अचार स्टोर करने के लिए कांच या चीनी मिट्टी का जार सबसे बेहतर होता है. ये अचार के मसालों या तेल के साथ रिएक्ट नहीं करते और स्वाद बरकरार रखते हैं. प्लास्टिक या लोहे के बर्तन से बचना चाहिए.
2. ठंडी और सूखी जगह पर रखें
रसोई की अलमारी या ऐसी जगह जहां सीधी धूप न पड़े, अचार रखने के लिए सही है. ज्यादा गर्मी अचार को जल्दी खराब कर सकती है.
3. जरूरत हो तो फ्रिज में रखें
अगर अचार में तेल या नमक कम है, तो उसे फ्रिज में रखना अच्छा रहता है. इससे उसकी लाइफ बढ़ जाती है और स्वाद भी बना रहता है.
4. खराब होने के संकेत पहचानें
अगर अचार में सफेद या काला फफूंदी दिखे, बदबू आए या रंग और टेक्सचर बदल जाए, तो उसे इस्तेमाल न करें. ऐसा अचार खाना सुरक्षित नहीं होता.


