How To Reduce Screen Time । स्क्रीन टाइम कम करने के आसान तरीके

Date:


Last Updated:

How To Reduce Screen Time: हर समय फोन चेक करना मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकता है. लगातार नोटिफिकेशन दिमाग को बेचैन बनाते हैं. 48 घंटे का डिजिटल डिटॉक्स ध्यान और नींद सुधार सकता है. परिवार और दोस्तों के साथ जुड़ाव बेहतर होता है. फोन पर नियंत्रण रखना जरूरी है, फोन को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए.

How To Reduce Screen Time: सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले हाथ फोन पर जाता है. रात को सोने से पहले आखिरी बार भी हम स्क्रीन ही देखते हैं. दिनभर में कितनी बार हम बिना वजह फोन अनलॉक करते हैं, इसका हिसाब भी नहीं रहता. कभी नोटिफिकेशन की आवाज, कभी सोशल मीडिया स्क्रोल, कभी बिना जरूरत रील्स देखना. धीरे धीरे यह आदत इतनी सामान्य हो जाती है कि हमें लगता ही नहीं कि यह हमारे दिमाग पर कितना असर डाल रही है.

अगर आप छोटी छोटी बातों पर चिड़चिड़े हो जाते हैं, ध्यान जल्दी भटक जाता है, नींद ठीक से नहीं आती या खाली बैठते ही बेचैनी महसूस होती है, तो हो सकता है कि इसकी एक बड़ी वजह लगातार फोन इस्तेमाल करना हो. डिजिटल दुनिया ने हमारी जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन हर समय ऑनलाइन रहना मानसिक थकान भी बढ़ा रहा है. ऐसे में 48 घंटे का डिजिटल डिटॉक्स आपकी लाइफ में बड़ा बदलाव ला सकता है.

क्या है डिजिटल डिटॉक्स: डिजिटल डिटॉक्स का मतलब है कुछ समय के लिए फोन, सोशल मीडिया, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस से दूरी बनाना. यह पूरी तरह फोन छोड़ देना नहीं है, बल्कि जानबूझकर स्क्रीन टाइम कम करना है ताकि दिमाग को आराम मिल सके.

Add News18 as
Preferred Source on Google

हर समय फोन चेक करने से क्या होता है: जब भी नोटिफिकेशन आता है, हमारा दिमाग तुरंत रिएक्ट करता है. हर बार फोन देखने पर डोपामिन रिलीज होता है, जिससे थोड़ी खुशी मिलती है. लेकिन यही आदत धीरे धीरे लत में बदल जाती है. इसका असर यह होता है कि ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है, काम में मन नहीं लगता और हम जल्दी चिड़चिड़े हो जाते हैं. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर भी असर पड़ता है और नींद की क्वालिटी खराब होती है.

1. पहले से प्लान बनाएं: दो दिन के लिए तय करें कि आप सोशल मीडिया से दूर रहेंगे. जरूरी कॉल के लिए फोन रख सकते हैं, लेकिन बिना जरूरत स्क्रोल नहीं करेंगे.

2. नोटिफिकेशन बंद करें: ज्यादातर नोटिफिकेशन जरूरी नहीं होते. उन्हें बंद करने से बार बार फोन देखने की आदत कम होगी.

3. फोन को दूर रखें: फोन को अपने पास रखने की जगह किसी दराज में या दूसरे कमरे में रख दें. नजर से दूर रहेगा तो मन भी कम जाएगा.

4. खाली समय का नया इस्तेमाल करें: फोन की जगह किताब पढ़ें, टहलने जाएं, परिवार के साथ समय बिताएं या कोई नया शौक शुरू करें.

5. सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन बंद करें: नींद बेहतर करने के लिए रात में स्क्रीन टाइम कम करना बहुत जरूरी है.

क्या फर्क महसूस होगा: 48 घंटे का डिजिटल डिटॉक्स करने के बाद कई लोग बताते हैं कि उनका मन हल्का लगता है. ध्यान पहले से बेहतर होता है. नींद गहरी आती है और सुबह उठते समय थकान कम होती है. सबसे बड़ा बदलाव यह होता है कि असली दुनिया से जुड़ाव बढ़ता है. परिवार और दोस्तों के साथ बातचीत बेहतर होती है.

रिश्तों पर असर: जब हम हर समय फोन में व्यस्त रहते हैं, तो सामने बैठे व्यक्ति को नजरअंदाज करते हैं. इससे रिश्तों में दूरी आने लगती है. डिजिटल डिटॉक्स के दौरान आप महसूस करेंगे कि बिना फोन के बातचीत ज्यादा सच्ची और गहरी होती है.

क्या पूरी तरह फोन छोड़ना जरूरी है: नहीं. मकसद फोन छोड़ना नहीं बल्कि उस पर नियंत्रण रखना है. टेक्नोलॉजी हमारे काम की है, लेकिन हमें उसका गुलाम नहीं बनना चाहिए. अगर आप हफ्ते में एक बार भी छोटा डिजिटल ब्रेक लेते हैं, तो मानसिक शांति बनी रह सकती है. ये समझना जरूरी है कि स्क्रीन के बाहर भी एक खूबसूरत दुनिया है. 48 घंटे का छोटा सा ब्रेक आपकी सोच, सेहत और रिश्तों में बड़ा बदलाव ला सकता है.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related