Indian Style Falafel Recipe Healthy Chickpea Snack। भारतीय स्टाइल फलाफल कैसे बनाएं जानें रेसिपी

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Indian Style Falafal Recipe: दुनिया भर के स्ट्रीट फूड का स्वाद अब भारतीय रसोई तक पहुंच चुका है और इसी कड़ी में फलाफल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. कुरकुरा बाहर, अंदर से नरम और हर्ब्स की खुशबू से भरा फलाफल अब सिर्फ मिडिल ईस्ट के कैफे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि घरों में भी बनने लगा है. खास बात ये है कि भारतीय स्वाद के हिसाब से इसे हल्का मसालेदार और चटपटा ट्विस्ट देकर तैयार किया जा रहा है. हेल्दी स्नैक, पार्टी स्टार्टर या लंच रैप-हर रूप में ये फिट बैठता है. काबुली चने, हरे पत्तों और मसालों का ये कॉम्बिनेशन न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि प्रोटीन और फाइबर से भरपूर भी है. घर पर फलाफल बनाना जितना आसान है, उतना ही मजेदार भी-बस कुछ सही टिप्स और संतुलन समझना जरूरी है.

भारतीय किचन में फलाफल का बढ़ता ट्रेंड कुछ साल पहले तक फलाफल का नाम सुनते ही मिडिल ईस्ट या लेबनानी फूड की याद आती थी, लेकिन अब भारत के मेट्रो शहरों से लेकर छोटे शहरों तक कैफे मेन्यू में फलाफल रैप और फलाफल प्लेट दिखने लगे हैं. खासकर हेल्दी खाने की बढ़ती जागरूकता ने इसे लोकप्रिय बनाया है. डीप फ्राइड होने के बावजूद ये आलू टिक्की या कटलेट से ज्यादा न्यूट्रिशनल माना जाता है, क्योंकि इसका बेस चना और हर्ब्स होते हैं. कई लोग इसे एयर फ्रायर या शैलो फ्राई करके भी बना रहे हैं.

क्यों पसंद आ रहा है भारतीय स्टाइल फलाफल भारतीय स्टाइल फलाफल में जीरा, धनिया, हरी मिर्च और नींबू का संतुलन इसे देसी स्वाद देता है. यही वजह है कि जो लोग हुम्मस या ताहिनी से परिचित नहीं हैं, वे भी इसे हरी चटनी या दही डिप के साथ आसानी से पसंद करने लगते हैं. घर में बचा काबुली चना भी अब सिर्फ छोले तक सीमित नहीं रहता-लोग फलाफल बनाकर नया स्नैक तैयार कर लेते हैं.

घर पर फलाफल बनाना कितना आसान घर पर फलाफल बनाना दरअसल टिक्की या कोफ्ता बनाने जितना ही सरल है, बस एक फर्क है-चना उबला नहीं, भिगोया हुआ इस्तेमाल होता है. यही इसका असली टेक्सचर देता है. भिगोए चने को हर्ब्स और मसालों के साथ पीसकर छोटे गोले बनाना और मध्यम आंच पर तलना-यही बेसिक प्रोसेस है.

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सही टेक्सचर का राज अक्सर लोग फलाफल बनाते समय मिश्रण ढीला या बहुत स्मूद पीस देते हैं, जिससे गोले टूट जाते हैं. असल में मिश्रण हल्का दरदरा रहना चाहिए. थोड़ा ठंडा करना और तिल या बाइंडर मिलाना इसे शेप देने में मदद करता है.

हेल्दी स्नैक के रूप में फलाफल आज के समय में स्नैकिंग बदल रही है. लोग तला हुआ भी खाना चाहते हैं, लेकिन न्यूट्रिशन से समझौता नहीं करना चाहते. फलाफल इसी जरूरत को पूरा करता है. काबुली चना प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है, जबकि हरे पत्ते मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट देते हैं.

वजन और फिटनेस वालों की पसंद कई जिम ट्रेनर अब घर के बने फलाफल को प्रोटीन स्नैक के रूप में सुझाव देते हैं, खासकर जब इसे डीप फ्राई की जगह एयर फ्राई किया जाए. रैप या सलाद बाउल में डालकर ये पूरा मील बन जाता है.

भारतीय अंदाज़ में सर्व करने के नए तरीके भारत में फलाफल को सिर्फ पीटा ब्रेड तक सीमित नहीं रखा गया. लोग इसे रोटी रोल, पराठा रैप, सलाद चाट या बर्गर पैटी की तरह भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

चटनी के साथ देसी ट्विस्ट जहां मिडिल ईस्ट में ताहिनी या हुम्मस के साथ परोसा जाता है, वहीं भारत में पुदीना चटनी, दही डिप या इमली सॉस के साथ इसका स्वाद और निखर जाता है. पार्टी प्लेटर में भी ये वेज स्टार्टर के रूप में तेजी से जगह बना रहा है.

घर पर फलाफल बनाते समय ध्यान रखने वाली बातें फलाफल बनाते समय सबसे जरूरी है चने को पर्याप्त समय तक भिगोना, ताकि पीसने पर सही टेक्सचर मिले. मिश्रण में पानी बिल्कुल न डालें, वरना गोले टूटेंगे. तलते समय आंच मध्यम रखें-तेज आंच पर बाहर जल जाएगा और अंदर कच्चा रहेगा. थोड़ा ठंडा मिश्रण, दरदरी पिसाई और सही तापमान-यही परफेक्ट फलाफल की पहचान है.



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