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Manipur News Today: मणिपुर के उखरुल जिले में नागा और कुकी समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के बाद पुलिस ने एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है. जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) रामवा से 51 कुकी छात्रों को सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षित बाहर निकाला गया. हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी को एक हमले के बाद हुई थी, जिसके बाद कई घर जला दिए गए. वर्तमान में इन छात्रों को कांगपोकपी जिले में शिफ्ट कर दिया गया है.
मणिपुर के उखरुल जिले में पिछले हफ्ते से हिंसा भड़की हुई है. (PTI Photo)
इंफाल: मणिपुर एक बार फिर जातीय संघर्ष की आग में झुलस रहा है. ताजा मामला नागा बहुल उखरुल जिले का है, जहाँ नागा और कुकी समुदायों के बीच तनाव हिंसक मोड़ ले चुका है. बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए उखरुल के जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) रामवा से कुकी समुदाय के 51 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला है. पुलिस के इस रेस्क्यू ऑपरेशन का मकसद छात्रों को किसी भी संभावित हमले से बचाना था, क्योंकि क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं.
स्कूल से सुरक्षित निकाले गए छात्र, परीक्षा केंद्र भी बदले
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि निकाले गए छात्रों में 31 लड़के और 20 लड़कियां शामिल हैं. चूंकि उखरुल में कानून-व्यवस्था की स्थिति नाजुक है, इसलिए 10वीं और 12वीं कक्षा के 18 छात्रों के परीक्षा केंद्र भी जेएनवी कांगपोकपी में स्थानांतरित कर दिए गए हैं. इन सभी बच्चों को पुलिस की सुरक्षा में कांगपोकपी जिले के सैकुल पुलिस स्टेशन की टीम को सौंप दिया गया है. रेस्क्यू के दौरान कुछ स्थानीय संगठनों ने अफवाहों को शांत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छात्र सुरक्षित रूप से लिटान पुलिस स्टेशन तक पहुँच सके.
7 फरवरी से शुरू हुई हिंसा और आगजनी
उखरुल में हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी को हुई थी, जब लिटान गांव में तंगखुल नागा समुदाय के एक सदस्य पर कथित तौर पर हमला किया गया. इसके बाद हमले और जवाबी हमले का दौर शुरू हो गया. हिंसा इतनी भीषण थी कि लिटान सारेइखोंग गांव में उपद्रवियों ने 30 से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया. इस तनाव के कारण इम्फाल-उखरुल सड़क पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है.
इंटरनेट पर पाबंदी और शांति की अपील
क्षेत्र में हिंसा और अफवाहों को रोकने के लिए सरकार ने उखरुल, कामजोंग और कांगपोकपी जिलों के कुछ हिस्सों में पांच दिनों के लिए इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि, अब स्थिति में थोड़ा सुधार देखते हुए इसे हटा लिया गया है. उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. पुलिस ने भी सभी समुदायों से संयम बरतने और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी न फैलाने की सख्त अपील की है. मणिपुर में जातीय संघर्ष का इतिहास पुराना है, लेकिन छात्रों को इस तरह निशाना बनाना भविष्य के लिए एक चिंताजनक संकेत है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें


