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Maharajganj latest news : महराजगंज में लगी स्वदेशी प्रदर्शनी में राजस्थान के उदयपुर से आए मनोहर लाल गुप्ता के प्राकृतिक अचार और मुरब्बा खास आकर्षण बने हुए हैं. बिना किसी केमिकल के पारंपरिक तरीके से तैयार इन उत्पादों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. आम, लहसुन, केर सहित कई किस्में उचित कीमत पर उपलब्ध हैं, जो स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित मानी जा रही हैं.
महराजगंज : आज के दौर में जहां खाद्य पदार्थों में मिलावट आम हो चुकी है, वहीं महराजगंज में लगी स्वदेशी प्रदर्शनी लोगों को शुद्ध और प्राकृतिक स्वाद का अनुभव करा रही है. यहां राजस्थान के उदयपुर से आए मनोहर लाल गुप्ता पारंपरिक विधि से बने अचार और मुरब्बा बेच रहे हैं, जिनमें किसी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं किया गया है.
खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट से चिंता
बाजार में मिलने वाले अधिकांश खाद्य पदार्थों में केमिकल और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल आम बात हो गई है. खासकर अचार जैसे उत्पादों में प्रिजर्वेटिव और कृत्रिम स्वाद बढ़ाने वाले तत्व मिलाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं. ऐसे में उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वे जो खा रहे हैं, वह कितना प्राकृतिक है. इसी चिंता के बीच महराजगंज में लगी स्वदेशी प्रदर्शनी लोगों के लिए राहत लेकर आई है.
उदयपुर से महराजगंज तक स्वाद की यात्रा
राजस्थान के उदयपुर निवासी मनोहर लाल गुप्ता इस प्रदर्शनी में अपना फूड कॉर्नर लगाए हुए हैं. उन्होंने बताया कि उनके यहां मिलने वाले सभी अचार और मुरब्बा पारंपरिक तरीके से तैयार किए जाते हैं. वे सीजन के अनुसार कच्चा माल लाते हैं और घर पर ही उत्पाद तैयार करते हैं. उनके स्टॉल पर आम का अचार, कटहल का अचार, लहसुन का अचार सहित कई अन्य किस्में उपलब्ध हैं. स्वाद के साथ-साथ शुद्धता उनकी सबसे बड़ी पहचान है.
मुरब्बों की विविधता भी खास आकर्षण
अचार के साथ-साथ उनके फूड कॉर्नर पर कई प्रकार के मुरब्बे भी मिल रहे हैं. गन्ने का मुरब्बा, आंवले का मुरब्बा, बेल का मुरब्बा और बांस का मुरब्बा लोगों को खूब पसंद आ रहा है. मनोहर लाल गुप्ता का कहना है कि वे उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किसी कृत्रिम रसायन का उपयोग नहीं करते, बल्कि पारंपरिक संरक्षण विधियों का सहारा लेते हैं. यही वजह है कि उनके उत्पाद स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माने जाते हैं.
राजस्थान का मशहूर केर अचार भी उपलब्ध
उन्होंने बताया कि राजस्थान का प्रसिद्ध केर का अचार भी उनके पास उपलब्ध है, जिसे एशिया के महंगे अचारों में गिना जाता है. इसकी खासियत इसका अनोखा स्वाद और पारंपरिक विधि से तैयार होना है. प्रदर्शनी में आने वाले लोग इस अचार को विशेष रूप से पसंद कर रहे हैं और इसकी मांग भी लगातार बढ़ रही है.
कीमत और गुणवत्ता का संतुलन
मनोहर लाल गुप्ता ने बताया कि उनके यहां 250 ग्राम अचार और मुरब्बा की कीमत 60 रुपए से शुरू होकर 150 रुपए तक है. गुणवत्ता के अनुरूप कीमत तय की गई है. ग्राहकों का कहना है कि शुद्ध और प्राकृतिक उत्पाद के लिए यह कीमत उचित है. मिलावट भरे बाजार के बीच यह फूड कॉर्नर लोगों को भरोसेमंद और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प प्रदान कर रहा है.


