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Rampur Sheep Farmer Ramchandra : खेती के साथ पशु पालन हमेशा से किसानों के लिए फायदे का सौदा रहा है. नए किसानों के सामने ये सवाल रहता है कि आखिरी किस पशु को पाला जाए, जिसमें मुनाफा ज्यादा हो. रामपुर के रहने वाले किसान रामचंद्र ने पारंपरिक खेती के साथ भेड़ पालन शुरू किया. आज उनके पास करीब 50 भेड़ें हैं. इस काम में खर्च बहुत कम, मुनाफा ज्यादा है. लोकल 18 से बातचीत में रामचंद्र बताते हैं कि इन्हें ज्यादा महंगे चारे की जरूरत नहीं होती. सामान्य घास खाकर आसानी से पल जाती हैं. हर 6 महीने में बच्चे देती हैं. एक बच्चा करीब 5 हजार रुपये में बिक जाता है.
रामपुर. भेड़ पालन किसानों की किस्मत बदल रही है. यूपी में रामपुर के रहने वाले किसान रामचंद्र के साथ यही हुआ. उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ भेड़ पालन शुरू किया था. आज उनके पास करीब 50 देशी नस्ल की भेड़ें हैं और यही भेड़ें उनकी नियमित कमाई का बड़ा जरिया बन चुकी हैं. खास बात यह है कि इस काम में खर्च बहुत कम है लेकिन मुनाफा लगातार मिलता है. लोकल 18 से बातचीत में रामचंद्र बताते हैं कि देशी भेड़ों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें ज्यादा महंगे चारे की जरूरत नहीं होती. ये खेतों में मिलने वाला हरा चारा और सामान्य घास खाकर आसानी से पल जाती हैं. रामचंद्र के अनुसार, उनकी भेड़ें हर 6 महीने में बच्चे देती हैं. एक बार में करीब 30 बच्चे तैयार हो जाते हैं. जब ये बच्चे थोड़े बड़े हो जाते हैं तो इन्हें बाजार में बेच दिया जाता है. एक बच्चा करीब 5 हजार रुपये में बिक जाता है. इस तरह एक बार में उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है.
रामचंद्र बताते हैं कि भेड़ पालन की एक और खास बात यह है कि इसमें ज्यादा जमीन की जरूरत नहीं होती. छोटे किसान भी इसे आसानी से कर सकते हैं. दिन में भेड़ों को चरने के लिए छोड़ दिया जाता है और शाम को वापस बाड़े में रख लिया जाता है. इससे देखभाल भी आसान हो जाती है.
अलग-अलग तरीके से कमाई
रामचंद्र के मुताबिक, भेड़ पालन तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसकी वजह कम लागत और अच्छा मुनाफा है. भेड़ों से ऊन, मांस और बच्चे बेचकर अलग-अलग तरीके से कमाई की जा सकती है. पशुपालन विभाग के जानकार भी मानते हैं कि अगर किसान सही नस्ल का चयन करें और भेड़ों की सही देखभाल करें तो इनका पालन बहुत फायदे का सौदा साबित हो सकता है. सरकार की तरफ से भी पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें


