Shweta Tiwari travel kit | श्वेता तिवारी का हाइजीन किट

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Shweta Tiwari Travel Kit: अपनी फिटनेस और जवां चेहरे से हमेशा मीडिया में छाई रहने वाली एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला है जिसमें उन्होंने यात्रा के दौरान यह बताया है कि लड़कियों के बैग में क्या-क्या जरूरी सामान होने चाहिए. श्वेता तिवारी ने जिन चीजों के बारे में जरूरी बताया है क्या वह मेडिकली भी सही है. क्या सच में इससे लड़कियों को फायदा होता है, आइए इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं.

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श्वेता तिवारी ने लड़कियों के बैग में इन 5 चीजों को रखने को कहा है.

Shweta Tiwari Travel Kit: कोरोना के बाद हाइजीन को लेकर लोगों में जबर्दस्त जागरुकता आई है. हर कोई इसका अपने-अपने तरह से पालन कर रहा है. हालिया एक इंटरव्यू में हमेशा जवां दिखने वाली श्वेता तिवारी ने लड़कियों की पर्सनल हाइजीन के बारे में बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा है कि हर लड़की के पास एक हाइजीन पाउच होना चाहिए. इसमें दस्ताने, टिश्यू, पी-सेफ (सैनिटाइज़ करने के लिए), टॉयलेट सीट कवर, अपना साबुन और सैनिटाइज़र होना चाहिए. खुद को तरोताजा और हेल्दी रखने के लिए इंटिमेट वाइप्स भी होने चाहिए. अब सवाल यह है कि श्वेता तिवारी ने जो हाइजीन किट बताई है क्या वह मेडिकली भी सही है. आइए एक्सपर्ट से इस सवाला का जवाब जानते हैं.

हाइजीन पाउच में क्या जरूरी है? 
इंडियन एक्सप्रेस की खबर में इस सवाल के लिए आस्था अस्पताल में गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. गीता जैन से संपर्क किया. उन्होंने कहा कि इसका जवाब संतुलन बनाए रखने और यह समझने में है कि वास्तव में संक्रमण से बचाव किससे होता है. डॉ. जैन कहती हैं कि इंफेक्शन से बचाव का सबसे जरूरी पहलू है हाथों की सही सफाई. उन्होंने कहा कि यह सच है कि साबुन और पानी के साथ-साथ हैंड सैनिटाइजर आपके शरीर की सफाई के लिए जरूरी है. इन चीजों से इंफेक्शन का जोखिम कम होता है. साथ ही यह एक तरह से मनोवैज्ञानिक संतुष्टि भी देता है. लेकिन इन चीजों की हमेशा या 24 घंटे जरूरत हो, यह जरूरी नहीं.
टॉयलेट सीट कवर या सैनिटाइज़िंग स्प्रे जैसी चीजें वैकल्पिक हो सकती. अधिकतर इंफेक्शन टॉयलेट सीट के संपर्क से नहीं फैलते.

क्या टॉयलेट स्प्रे सच में इंफेक्शन से बचाते हैं?
आजकल टॉयलेट सीट को इंफेक्शन से फ्री करने के लिए पी सेफ स्प्रे और डिस्पोजेबल सीट कवर का प्रचार किया जाता है. लेकिन क्या इससे टॉयलेट सीट में पहले से मौजूद बैक्टीरिया या अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव से बचाव हो पाएगा. डॉ. गीता जैन कहती हैं कि ये प्रोडक्ट टॉयलेट सीट पर मौजूद कीटाणुओं को कुछ हद तक कम कर सकते हैं, लेकिन ये पूरी तरह सुरक्षित ढाल नहीं होते. इससे आपके मन में लगेगा कि मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं लेकिन इसकी सौ फीसदी गारंटी नहीं है. दूसरी ओर सैनिटाइजिंग उत्पादों, खासकर इंटिमेट वाइप्स का अधिक इस्तेमाल शरीर के कुदरती सुरक्षा देने वाले गुड बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकता है. दरअसल, महिलाओं के जननांग के भीतर अपने आप एक प्राकृतिक तंत्र होता है, जिसमें फायदे पहुंचाने वाले कई तरह के सूक्ष्म जीव होते हैं. ये शरीर को हानिकारक जीवाणुओं से बचाने का काम करते हैं. वाइप्स या अन्य उत्पाद के ज्यादा इस्तेमाल के कारण कारण कुदरती संतुलन को नुकसान पहुंचता है. इसलिए इन उत्पादों का अधिक उपयोग स्वस्थ और अच्छे बैक्टीरिया को कम कर सकता है. इस कारण जलन या इंफेक्शन का खतरा कम होने के बजाय बढ़ सकता है.

क्या वाइप्स निजी एरिया के लिए सही है
डॉ. गीता जैन बताती हैं कि इंटिमेट वाइप्स का बार-बार उपयोग खासकर खुशबूदार या ज्यादा रसायन वाले वाइप्स महिलाओं के जननांग के pH स्तर को बदल सकता है. अगर आप इंटिमेट वाइप्स या सैनिटाइजिंग उत्पादों का नियमित उपयोग करती हैं तो इससे pH का संतुलन बिगड़ता है और उस कारण जननांग का माइक्रोबायोम यानी गुड बैक्टीरिया मरने लगते हैं. इससे आपका जो कुदरती सुरक्षा कवच है वह नष्ट हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो इससे जननांग में ड्राईनेस, खुजली, जलन या बार-बार इंफेक्शन हो सकता है. इसलिए अधिकतर मामलों में केवल पानी से हल्की सफाई और कम से कम उत्पादों का उपयोग ही निजी स्वच्छता बनाए रखने के लिए पर्याप्त होता है. क्योंकि जननांग स्वयं को साफ रखने में सक्षम होती है.

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Lakshmi Narayan

18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने अपने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, स…और पढ़ें



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