Last Updated:
Tea Stall Business Monthly Income: बुरहानपुर की अनीता पिपलौदे की कहानी मां-बेटी के रिश्ते और संघर्ष की मिसाल है. मां ने अपनी चलती हुई चाय की दुकान बेटी को गिफ्ट कर दी, जिसके बाद अनीता ने मेहनत से उसे सफल व्यवसाय में बदल दिया. सिर्फ ₹10 की अदरक और मसाला चाय बेचकर वे हर महीने 25 से 30 हजार रुपये तक कमा रही हैं. पांचवीं तक पढ़ी अनीता आज अपने दोनों बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. यह कहानी बताती है कि छोटे से बिजनेस से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है.
Chai ki Tapri ka Business Income: अनीता पिपलौदे बताती हैं कि उनके पति मजदूरी करते थे. जब काम मिलता था तो घर चलता था, नहीं तो खर्चा संभालना मुश्किल हो जाता था. दो छोटे बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च… सबकुछ डगमगाने लगा था. तभी उनकी मां गुड्डी बाई ने बड़ा फैसला लिया. उन्होंने अपनी चलती हुई चाय की दुकान बेटी को गिफ्ट कर दी.
गुल्लक के ₹3000 से शुरू हुआ नया सफर
अनीता बताती हैं कि वे सिर्फ पांचवीं तक पढ़ी हैं और पहले गृहिणी थीं. बिजनेस का कोई अनुभव नहीं था. लेकिन मां का भरोसा और हौसला साथ था. उन्होंने अपनी गुल्लक में जमा किए हुए ₹3000 भी दुकान में लगा दिए और पूरी मेहनत से काम शुरू किया. आज तीन साल हो गए हैं और अनीता सुबह से देर शाम तक खुद दुकान संभालती हैं.
₹10 की चाय, 25-30 हजार महीने की कमाई
अनीता के यहां अदरक और मसाले वाली चाय मिलती है, जो घर के खास मसालों से तैयार होती है. एक कप चाय की कीमत सिर्फ ₹10 है, लेकिन स्वाद ऐसा कि लोग बार-बार आते हैं. रोजाना अच्छी बिक्री हो जाती है और महीने में करीब ₹25,000 से ₹30,000 तक की कमाई हो जाती है. इसी कमाई से वे अपने एक बेटे और एक बेटी को प्राइवेट स्कूल में पढ़ा रही हैं.
बच्चों की पढ़ाई है सबसे बड़ा सपना
अनीता कहती हैं कि मैं ज्यादा नहीं पढ़ पाई, इसलिए चाहती हूं कि मेरे बच्चे अच्छी शिक्षा लें और आगे बढ़ें.उनकी मेहनत और लगन ने ये साबित कर दिया कि अगर हौसला हो तो छोटी सी चाय की दुकान भी जिंदगी बदल सकती है. आज अनीता की दुकान सिर्फ चाय की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और मां-बेटी के भरोसे की मिसाल बन गई है.
About the Author
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें


