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Thumb Shape Palmistry: कभी आपने यूं ही अपने हाथों को गौर से देखा है? हथेली की रेखाओं पर तो सबका ध्यान जाता है, मगर अंगूठे की बनावट पर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं. दिलचस्प बात यह है कि हस्तरेखा शास्त्र में अंगूठे को सिर्फ एक उंगली नहीं, बल्कि इंसान की इच्छा-शक्ति और सोच का संकेतक माना गया है. पुराने समय से लोग हाथ देखकर स्वभाव और भविष्य का अंदाजा लगाते रहे हैं और आज भी गांव-कस्बों से लेकर शहरों तक कई लोग इसे जिज्ञासा से देखते हैं. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से हस्तरेखा विज्ञान में बताए गए अंगूठे के तीन प्रमुख प्रकार और उनसे जुड़े जीवन के संकेत.
1. तर्जनी के साथ अधिक कोण बनाने वाला अंगूठा जब अंगूठा तर्जनी से खुलकर ज्यादा कोण बनाता है, तो उसे सात्विक या खुला अंगूठा माना जाता है. ऐसा अंगूठा अक्सर पतला, लंबा और देखने में आकर्षक होता है. इस तरह के अंगूठे वाले लोग दिल के नरम और व्यवहार में मधुर माने जाते हैं. समाज में ऐसे लोगों को आप कलाकार, गायक या रचनात्मक कामों में लगे हुए पाएंगे.
2. संघर्ष के बाद सफलता की कहानी इनका जीवन अक्सर आसान नहीं होता. बचपन या शुरुआती उम्र में परिस्थितियां इनके पक्ष में नहीं रहतीं, लेकिन यही संघर्ष इनके भीतर मजबूत इच्छाशक्ति पैदा करता है. धीरे-धीरे ये अपनी मेहनत से रास्ते बनाते हैं और परिवार की स्थिति भी सुधार लेते हैं. कई बार देखा गया है कि ऐसे लोग कम बोलते हैं, मगर अपने काम से पहचान बनाते हैं.
3. लंबाई ज्यादा हो तो संकेत बदलते हैं यदि यही अंगूठा जरूरत से ज्यादा लंबा हो जाए और तर्जनी के दूसरे पोर से ऊपर निकल जाए, तो इसे संतुलन से बाहर माना जाता है. ऐसे लोगों के जीवन में सफलता आती तो है, पर देर से और कई बाधाओं के बाद. वहीं संतुलित लंबाई वाला अंगूठा बुद्धिमत्ता और कला-प्रेम का संकेत देता है. इनके दोस्त कम होते हैं, लेकिन गहरे और भरोसेमंद होते हैं.
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4. तर्जनी से समकोण बनाता मजबूत अंगूठा समकोण बनाने वाला अंगूठा मजबूत, सीधा और स्तंभ जैसा दिखता है. यह पीछे की ओर ज्यादा नहीं झुकता, जिससे स्थिरता का भाव मिलता है. ऐसे लोग व्यवहार में व्यावहारिक होते हैं-बात कम, काम ज्यादा.
5. जिद और दृढ़ता की पहचान अगर इन्होंने कोई लक्ष्य तय कर लिया, तो उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. गुस्सा जल्दी आता है, मगर उतनी ही जल्दी शांत भी हो जाता है. कार्यस्थल पर ऐसे लोग भरोसेमंद माने जाते हैं, क्योंकि ये जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते.
6. समाज और देश के प्रति लगाव हस्तरेखा के जानकार मानते हैं कि इस तरह के अंगूठे वाले लोग सामाजिक या राष्ट्रहित के कामों में आगे रहते हैं. कई स्वयंसेवी या अनुशासित पेशों में आपको ऐसे व्यक्तित्व ज्यादा मिलते हैं. इन्हें मेहनत पर भरोसा होता है, भाग्य पर कम.
7. न्यूनकोण बनाता छोटा या झुका अंगूठा जब अंगूठा तर्जनी से कम कोण बनाता है या छोटा-सा दिखाई देता है, तो इसे न्यूनकोण अंगूठा कहा जाता है. इसकी बनावट कई बार असंतुलित या झुकी हुई लगती है.
8. निराशा और संघर्ष की छाया ऐसे अंगूठे वाले लोग जीवन को थोड़ा नकारात्मक नजरिए से देख सकते हैं. आर्थिक मामलों में अस्थिरता या बार-बार बाधाएं इनके रास्ते में आती हैं. इन्हें किसी भी उपलब्धि के लिए दूसरों की तुलना में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
9. सुस्ती और अस्थिरता का असर हस्तरेखा परंपरा कहती है कि इस तरह के व्यक्तित्व में कभी-कभी आलस्य या निर्णय लेने में देरी देखी जाती है. धर्म-कर्म या आध्यात्मिक रुचि भी अपेक्षाकृत कम होती है. हालांकि जीवन पूरी तरह तय नहीं होता-सही मार्गदर्शन और मेहनत से ऐसे लोग भी परिस्थितियां बदल सकते हैं.
10. अंगूठा क्यों माना जाता है इच्छा-शक्ति का संकेत हस्तरेखा विज्ञान में अंगूठे को मस्तिष्क और इच्छा-शक्ति का प्रतिनिधि माना गया है. यह बाकी उंगलियों से अलग और स्वतंत्र होता है, जो मनुष्य की स्वतंत्र सोच का प्रतीक माना जाता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि अंगूठे की लचक, कोण और आकार-ये सब व्यक्ति के निर्णय लेने के तरीके और आत्मविश्वास से जुड़े संकेत देते हैं. अंततः यह मानना जरूरी है कि हस्तरेखा शास्त्र जीवन का अंतिम सत्य नहीं, बल्कि परंपरागत मान्यताओं का एक रोचक पक्ष है. कई लोग इसे मनोरंजन या आत्म-चिंतन के रूप में देखते हैं. फिर भी इतना तय है कि हाथों की बनावट हमें खुद को देखने का एक नया नजरिया जरूर देती है.


