प्रयागराज. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं सख्ती और व्यापक व्यवस्थाओं के बीच शुरू हो गईं. प्रदेशभर के 75 जिलों में आयोजित इस परीक्षा को एशिया की सबसे बड़ी बोर्ड परीक्षा माना जाता है. इस साल लगभग 53 लाख से अधिक परीक्षार्थी 8033 परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा दे रहे हैं. प्रयागराज जिले में भी 333 केन्द्रों पर परीक्षाएं कराई जा रही हैं, जहां जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) पी.एन. सिंह ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए.
परीक्षा के पहले दिन नकल पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया. यूपी बोर्ड के अनुसार पहले दिन हाईस्कूल परीक्षा में तीन नकलची पकड़े गए. दो हापुड़ और एक नकलची बरेली में पकड़ा गया. वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में किसी भी छात्र को नकल करते नहीं पकड़ा गया. इसके अतिरिक्त पांच “मुन्ना भाई” यानी फर्जी परीक्षार्थी भी आगरा, फतेहपुर, कन्नौज, कौशांबी और इटावा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए. बोर्ड ने स्पष्ट किया कि पूरे प्रदेश में परीक्षा शांतिपूर्ण रही और किसी भी जिले में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई.
कितने छात्रों ने दी बोर्ड परीक्षा?
उपस्थिति के आंकड़े भी महत्वपूर्ण रहे. प्रथम पाली में हाईस्कूल के लिए 27,54,376 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 25,83,055 उपस्थित रहे जबकि 1,71,321 अनुपस्थित रहे. दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के 24,99,370 पंजीकृत छात्रों में से 23,56,983 उपस्थित रहे और 1,42,387 ने परीक्षा छोड़ दी. दोनों पालियों को मिलाकर कुल 52,53,746 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें 49,40,038 छात्रों ने परीक्षा दी और 3,13,708 अनुपस्थित रहे. प्रयागराज जिले में हाईस्कूल में 93.34 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 93.80 प्रतिशत छात्र परीक्षा में शामिल हुए.
प्रयागराज में 8 केंद्र संवेदनशील
परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए प्रयागराज को 8 जोन और 33 सेक्टरों में विभाजित किया गया है तथा जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं. आठ सचल दल लगातार निरीक्षण कर रहे हैं. जिले में 11 संवेदनशील और 8 अति संवेदनशील केन्द्र चिन्हित किए गए हैं. प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं को डबल लॉक अलमारी वाले स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है तथा डीआईओएस कार्यालय से सभी केन्द्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है.
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नकल करते पाए जाने पर 2024 के नकल विरोधी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कुल मिलाकर पहले दिन प्रदेश में परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, जिससे प्रशासन और शिक्षा विभाग ने संतोष व्यक्त किया है.


