Vayu Shakti 2026 | Why Tejas Skips Vayu Shakti Exercis- एयरफोर्स की ‘वायु शक्ति’ से बाहर हुआ फाइटर जेट तेजस, आखिर भारत के शिकारी को हुआ क्या?

Date:


नई दिल्ली: ‘वायु शक्ति’ इंडियन एयरफोर्स का वह कार्यक्रम है जिसमें एयरफोर्स अपनी ताकत दिखाता है. इस बार भी राजस्थान के पोखरण की धरती पर आसमान गरजने वाला था. लड़ाकू विमान अपनी ताकत का प्रदर्शन करने को तैयार थे. लेकिन ऐन मौके पर भारतीय स्वदेशी फाइटर जेट तेजस की गैरमौजूदगी ने सबको चौंका दिया. जिस विमान को भारत की आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति का प्रतीक माना जाता है, वही इस बार आसमान में नजर नहीं आएगा. सवाल उठ रहे हैं कि क्या तेजस में कोई बड़ी तकनीकी खामी आ गई है या यह सिर्फ एहतियाती कदम है?

रिपोर्ट के अनुसार ‘वायु शक्ति’ अभ्यास से पहले हुए फुल ड्रेस रिहर्सल में तेजस एलसीए Mk-1 शामिल नहीं हुआ. सैन्य सूत्रों के अनुसार जब कोई फाइटर जेट रिहर्सल का हिस्सा नहीं बनता तो आमतौर पर वह मुख्य कार्यक्रम में भी भाग नहीं लेता. ऐसे में 27 फरवरी को होने वाले मुख्य आयोजन से तेजस के बाहर रहने की खबर ने रक्षा हलकों में चर्चा तेज कर दी. हाल ही में सामने आए एक तकनीकी घटना के बाद पूरी तेजस फ्लीट की सुरक्षा जांच शुरू की गई है. हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी तरह की दुर्घटना नहीं हुई.

  • हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि तेजस विमान से जुड़ी घटना जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी समस्या थी और किसी क्रैश की खबर गलत है. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वायुसेना ने सभी विमानों की अतिरिक्त जांच शुरू की है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सावधानी के तौर पर उठाया गया है ताकि किसी भी जोखिम से बचा जा सके और ऑपरेशनल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
  • तेजस पहले भी चर्चा में रहा है. नवंबर 2025 में दुबई एयर शो के दौरान एक प्रदर्शन उड़ान में एलसीए Mk-1 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, इसमें एक पायलट की मौत हो गई थी. इससे पहले मार्च 2024 में जैसलमेर के पास भी एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. हालांकि उस समय पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया था. लगातार घटनाओं के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त किया गया है, जिसके चलते इस बार ‘वायु शक्ति’ में इसकी अनुपस्थिति देखी जा रही है.
(फाइल फोटो PTI)

तकनीकी जांच के बीच उठे कई सवाल

भारत का स्वदेशी फाइटर जेट तेजस देश की आत्मनिर्भर रक्षा नीति का अहम हिस्सा है. ऐसे में इसका बड़े सैन्य अभ्यास से बाहर होना केवल तकनीकी फैसला नहीं, बल्कि सुरक्षा और विश्वसनीयता से जुड़ा रणनीतिक कदम भी माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि एयरफोर्स किसी भी संभावित खतरे से पहले ही बचाव सुनिश्चित करना चाहती है.

तेजस ‘वायु शक्ति’ अभ्यास में क्यों शामिल नहीं हो रहा?

तेजस एलसीए Mk-1 हाल ही में जमीन पर हुई एक तकनीकी घटना के बाद सुरक्षा जांच के दौर से गुजर रहा है. एयरफोर्स किसी भी जोखिम से बचना चाहती है. इसलिए जब तक पूरी फ्लीट की जांच पूरी नहीं हो जाती, विमान को बड़े सार्वजनिक सैन्य प्रदर्शन से दूर रखा गया है.

क्या तेजस विमान क्रैश हुआ था?

नहीं, HAL ने साफ किया है कि किसी भी तरह का क्रैश नहीं हुआ. यह केवल जमीन पर हुई एक मामूली तकनीकी घटना थी. मीडिया में आई क्रैश की खबरों को कंपनी ने गलत बताया है.

क्या इससे तेजस की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं?

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हर आधुनिक लड़ाकू विमान में समय-समय पर तकनीकी जांच सामान्य प्रक्रिया होती है. सुरक्षा जांच का मतलब कमजोरी नहीं बल्कि ऑपरेशनल परिपक्वता है. इससे विमान की दीर्घकालिक विश्वसनीयता मजबूत होती है.

तेजस भारत के लिए कितना महत्वपूर्ण है?

तेजस भारत का स्वदेशी विकसित हल्का लड़ाकू विमान है, जो आत्मनिर्भर भारत रक्षा मिशन का केंद्र है. यह पुराने मिग-21 विमानों की जगह ले रहा है और भविष्य में भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनने की योजना है.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related