Vinayaka Chaturthi February 2026: फाल्गुन विनायक चतुर्थी या ढुण्ढिराज चतुर्थी 21 फरवरी शनिवार को है. यह फरवरी की विनायक चतुर्थी भी है. इस दिन व्रत को रखकर विघ्नहर्ता गणेशजी की पूजा की जाती है. विनायक चतुर्थी व्रत और पूजा करने से मनोकामनाएं सिद्ध होती हैं, काम में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और जीवन के संकट मिट जाते हैं. लेकिन विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करना वर्जित है. विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा का दर्शन क्यों नहीं करते हैं और भगवान श्रीकृष्ण ने क्या गलती की थी?
विनायक चतुर्थी पर चंद्रोदय
21 फरवरी को विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रोदय का समय 08:56 ए एम पर है और चंद्रास्त रात 10:16 पी एम पर होगा. इस आधार पर आपको 13 घंटे 20 मिनट तक चंद्रमा का दर्शन नहीं करना है.
विनायक चतुर्थी पर क्यों नहीं करते हैं चंद्रमा का दर्शन?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करना पूर्णतया वर्जित है. जो लोग गलती से भी चंद्रमा का दर्शन करते हैं, उन पर झूठा कलंक लग जाता है. आप ने जो गलत काम नहीं किया है, उसका दोष आप पर मढ़ा जा सकता है. इससे आपके यश, सम्मान, प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है.
भगवान श्रीकृष्ण ने क्या की थी गलती?
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने चंद्रमा के दर्शन किए थे. इस वजह से उन पर स्यमन्तक मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था. इससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची थी. भगवान श्रीकृष्ण ने इस चतुर्थी तिथि को सिद्धिविनायक व्रत किया था, तब जाकर उनको इस कलंक से मुक्ति मिली थी और स्यमन्तक मणि की सच्चाई का पता चला था.
गणेश जी का श्राप- जो देखेगा चंद्रमा, उसे लगेगा कलंक
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार ब्रह्मा जी ने चतुर्थी का व्रत करके गणेश जी को प्रसन्न किया और वर मांगा कि मुझे सृष्टि की रचना करने का अभिमान न हो. गणेश जी ने उनको मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद दिया और जाने लगे, तभी चंद्र देव ने उनका उपहास उड़ाया.
इस पर गणेश जी नाराज हो गए और चंद्रमा को श्राप दिया कि आज से कोई भी व्यक्ति तुम्हारा मुख नहीं देखेगा. अब चंद्रमा के प्रत्यक्ष न होने से बड़ी समस्याएं पैदा हो गई. तब ब्रह्मा जी ने सभी देवताओं को चतुर्थी का व्रत रखने को कहा. देवताओं ने विधि विधान से चतुर्थी का व्रत रखा और गणेश जी की पूजा की.
इससे गणेश जी प्रसन्न हुए और देवताओं को वर मांगने को कहा. तो देवताओं ने गणेश जी से चंद्रमा को श्राप से मुक्ति प्रदान करने का निवेदन किया. इस पर गणेश जी ने कहा कि जो व्यक्ति भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चंद्रमा को देखेगा, उस पर झूठा कलंक लगेगा.
कलंक मुक्ति का उपाय
यह कलंक चतुर्थी को सिद्धिविनायक व्रत करने से दूर होगा. ऐसे ही जो व्यक्ति प्रत्येक द्वितीया को चंद्रमा का दर्शन करेगा, वह कलंक से बच जाएगा.


