Success Story: जिंदगी जब इम्तिहान लेती है, तो रास्ते खुद-ब-खुद निकल आते हैं. कटिहार के हवाईअड्डा क्षेत्र की कुमारी प्रीति की कहानी इसका जीता-जागता प्रमाण है. एक गंभीर सड़क हादसे ने जब उनके पति (LIC एजेंट) को बिस्तर पर ला दिया और घर की आर्थिक स्थिति चरमरा गई, तो प्रीति ने आंसू बहाने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना. घरेलू चारदीवारी से निकलकर प्रीति ने शुद्धता को अपना हथियार बनाया. उन्होंने घर पर ही सत्तू, बेसन और बड़ी तैयार करना शुरू किया. उनकी मेहनत का नतीजा है कि आज प्रज्ञा सत्तू 100 प्रतिशत शुद्ध एक भरोसेमंद नाम बन चुका है. वह न केवल रोजाना एक क्विंटल सत्तू तैयार करती हैं, बल्कि अचार और बेसन जैसे उत्पादों के जरिए अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं. आज ग्राहक और दुकानदार खुद उनके घर पहुंचकर सामान ले जाते हैं. शरीफगंज की यह सुपरवुमन न केवल अपने परिवार की रीढ़ बनीं, बल्कि साबित कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो आपदा को भी अवसर में बदला जा सकता है.


