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सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने किश्तवाड़ में तीन आतंकियों के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थिति के बावजूद जवानों ने एक्सीलेंस का परिचय देते हुए सीमा पार से हो रहे आतंकवाद का कमर तोड़ा है.
आर्मी चीफ ने सेना की तारीफ की. (फाइल फोटो)
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सेना की आतंकवाद के खिलाफ सफलता पर पूरा देश गर्व कर रहा है. इसी बीच थल सेनाध्यक्ष (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उत्तरी कमान (Northern Command) के सैनिकों के साथ मुलाकात की और उनके पेशेवर अंदाज व अडिग संकल्प की प्रशंसा की. सेना प्रमुख का ये बयान फ्रंटलाइन पर आतंकवाद से लड़ रहे सेना के जवानों का मनोबल हाई हो गया है. उन्होंने घाटी में हर तरह के आतंकवाद के लिए ज़ीरो टॉलरेंस के इंडियन आर्मी के अपने वादे पर खरा उतरने पर तारीफ करते हुए शाबाशी दी है.
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षाबलों द्वारा दिखाए गए ऑपरेशनल एक्सीलेंस की सराहना की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रही हैं, उसने आतंकियों के भागने के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं. सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि जवानों की चौबीसों घंटे की सतर्कता ही है जो घाटी में आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल प्रदान कर रही है.
सेना प्रमुख का बयान
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर में चल रहे काउंटर-टेरर ऑपरेशन में नॉर्दर्न कमांड के सैनिकों के शानदार प्रोफेशनलिज्म और पक्के इरादे की तारीफ की. उन्होंने सेना की मुश्किल हालात में उनकी सतर्कता, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और बिना रुकावट के तालमेल की तारीफ की. इंडियन आर्मी जम्मू-कश्मीर में हमेशा शांति बनाए रखने और हर तरह के आतंकवाद के लिए ज़ीरो टॉलरेंस के अपने वादे पर खड़ी है.
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस
भारतीय सेना ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि आतंकवाद के किसी भी रूप के खिलाफ उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अटल है. सेना प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हटेगी. शांति के दुश्मनों को उनकी ही भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा.
दुश्मन के मंसूबों पर पानी
उत्तरी कमान के जवानों की सराहना करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि दुर्गम पहाड़ियों और खराब मौसम के बावजूद सेना का मनोबल ऊंचा है. सेना की यह दृढ़ता दर्शाती है कि विदेशी ताकतों द्वारा अस्थिरता पैदा करने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी. भारतीय सेना न केवल सीमाओं की रक्षा कर रही है, बल्कि विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के लिए एक मजबूत कवच का काम भी कर रही है.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें
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