किसानो की आय बढ़ाने में सहायक है बकरी पालन का व्यवसाय, 15 बकरी से बदली सुनीता की जिंदगी

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बकरी एक बहुपयोगी पशु है, जिससे मांस, दूध और जैविक उर्वरक की प्राप्ति होती है. इसके अतिरिक्त बकरी से जुड़े कई अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं, जो किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित होते हैं. एनिमल एक्सपर्ट डॉ नागेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि खीरी जिले में लोग अपने आजीविका को चलाने के लिए बकरी पालन पर अधिक जोर दे रहे हैं.जनपद के तराई क्षेत्र की जलवायु के लिए ब्लैक बंगाल नस्ल की बकरियां लाभदायक होती हैं.

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लखीमपुरः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बकरी पालन कर अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है.बकरी पालन आज ग्रामीण इलाकों की पहली पसंद बनती जा रही है. क्योंकि इस व्यवसाय में ज्यादा निवेश भी नहीं करना पड़ता है और रिटर्न भी अच्छा मिल जाता है. इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से भी अनुदान दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आज भी अपनी आजीविका चलाने के लिए बकरी पालन पर अधिक जोर दे रहे हैं.

आय बढ़ाने में सहायक है बकरी का व्यवसाय

बकरी एक बहुपयोगी पशु है, जिससे मांस, दूध और जैविक उर्वरक की प्राप्ति होती है. इसके अतिरिक्त बकरी से जुड़े कई अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं, जो किसानों की आय बढ़ाने में सहायक साबित होते हैं. एनिमल एक्सपर्ट डॉ नागेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि खीरी जिले में लोग अपने आजीविका को चलाने के लिए बकरी पालन पर अधिक जोर दे रहे हैं.जनपद के तराई क्षेत्र की जलवायु के लिए ब्लैक बंगाल नस्ल की बकरियां लाभदायक होती हैं. इस नस्ल की बकरी गर्भधारण 5 माह के लिए करती हैं. डेढ़ साल में दो बार बच्चों को जन्म देती है. पशुपालन का बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है. आलम यह है कि किसानों के साथ-साथ पढ़े-लिखे लोग भी नौकरी छोड़ अतिरिक्त आमदनी के लिये पशुपालन करते हैं.

बकरी पालन ने बदल दी जिंदगी

खीरी जिले की रहने वाली सुनीता ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि हम पिछले 4 साल से लगातार बकरी पालन कर रहे हैं. इस समय हमारे पास करीब 15 से अधिक बकरी हैं. बकरी पालन की शुरुआत हमने तीन बकरियों से की थी अब 15 से अधिक बकरी है. बकरी पालन से हम अपनी आजीविका चलाते हैं. बकरी आसानी से बिक जाती है अगर बात की जाए तो एक बकरी करीब तीन से ₹4000 की आसानी से बिक जाती है जिससे परिवार का खर्च चल जाता है. एक बकरी आमतौर पर 1 साल में दो बार बच्चों को जन्म देती है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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