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शरीर को हर मौसम के अनुरूप ढलने में समय लगता है. यदि अचानक से पंखा, एयर कंडीशन का उपयोग ठंडी हवा का उपयोग शुरू कर दिया जाए तो शरीर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि विशेष रूप से सुबह या शाम के समय, जब वातावरण में हल्की ठंडक बनी रहती है. उस समय पंखा चलाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. रात के 12:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 तक पंखा एसी का उपयोग नहीं करना चाहिए.
बरेली: जैसे-जैसे तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है लोग अपने घरों में हल्के कपड़े पहनने और पंखा चलाने लगे हैं. लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव में जल्दबाजी से ठंडक लेने की आदत स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है. आपको इसकी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. नजला, खांसी, जुखाम, बुखार, बदन दर्द, गले में दर्द यह सब ठंड से गर्मी के प्रभाव के बदलते मौसम के लक्षण हैं.
मौसम परिवर्तन का शिकार होने से बचें
स्थानीय चिकित्सक डॉ. सुदीप सरन का कहना है. कि शरीर को हर मौसम के अनुरूप ढलने में समय लगता है. यदि अचानक से पंखा, एयर कंडीशन का उपयोग ठंडी हवा का उपयोग शुरू कर दिया जाए तो शरीर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि विशेष रूप से सुबह या शाम के समय, जब वातावरण में हल्की ठंडक बनी रहती है. उस समय पंखा चलाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. रात के 12:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 तक पंखा एसी का उपयोग नहीं करना चाहिए.
सर्द गर्म रहता है मौसम
डॉ. सुदीप सरन के अनुसार, कई लोग दोपहर की हल्की गर्मी महसूस होते ही पंखा चलाने लगते हैं. ठंडा पानी या ठंडी कोल्ड ड्रिंक पीने लगते हैं जो कि स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम डालती है. सुबह 4 बजे के आसपास वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा रहता है.ऐसे समय में ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से खांसी, जुकाम, बदन दर्द, सिरदर्द और बुखार जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.उन्होंने कहा कि शरीर का तापमान और बाहरी तापमान के बीच अचानक अंतर होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है. जिसके चलते आपको गंभीर परिणाम भुगत में पढ़ सकते हैं.
संक्रमण से बचें
उन्होंने सलाह दी कि लोग अभी अत्यधिक हल्के कपड़े पहनने या गर्म कपड़ों को पूरी तरह हटाने में जल्दबाज़ी न करें. साथ ही, बहुत ठंडा पानी पीने से भी परहेज करें.सुबह के समय ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचना चाहिए, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. यदि सुबह उठते समय गले में खराश या खिचखिच महसूस हो, तो दिन में तीन बार गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने चाहिए. इसके अतिरिक्त, गर्म चाय का सेवन और भाप लेना भी लाभकारी हो सकता है. इससे श्वसन तंत्र को आराम मिलता है. और संक्रमण का खतरा कम होता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें


