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इस मामले में तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ कोर्ट के जरिये मुकदमा दर्ज कराया है. अदालत के हस्तक्षेप के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अपनी विवेचना भी शुरू कर दी है. यह कार्यवाही वादी आशुतोष ब्रह्मचारी की मौजूदगी में हुई. पुलिस ने पोक्सो एक्ट की कई धाराओं में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. पुलिस ने आज शिविर परिसर, प्रवेश-निकास मार्ग, संबंधित कक्षों और दूसरे स्थलों का भौतिक सत्यापन किया.
इस दौरान विवेचना अधिकारी की ओर से त्रिवेणी मार्ग, माघ मेला स्थल स्थित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शिविर का विधिवत निरीक्षण किया गया है. पुलिस ने शिविर परिसर, प्रवेश-निकास मार्ग, संबंधित कक्षों और अन्य महत्त्वपूर्ण स्थलों का भौतिक सत्यापन और अंकन किया, जिससे आरोपों की निष्पक्ष, पारदर्शी व वैज्ञानिक विवेचना सुनिश्चित हो सके. पोक्सो कोर्ट के आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने पोक्सो एक्ट की धारा 5/6 समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की है.
एफआईआर न होने पर पहुंचे कोर्ट
तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था. उन्होंने दो कथित नाबालिग पीड़ितों की ओर से एफआईआर दर्ज करने के लिए झूंसी थाने में तहरीर दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज न होने पर 28 जनवरी को 173 (4)के तहत जिला कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने 21 फरवरी को अर्जी मंजूर करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. एडीजे पोक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया के आदेश पर झूंसी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. इसके बाद पुलिस ने अब इस मामले में विवेचना भी शुरू कर दी है.
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