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उत्तर प्रदेश सरकार ने कौशाम्बी जिले की 451 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इसके तहत लगभग 4.12 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और डिजिटल शिक्षा से वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा की सुविधा देना है. डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, वाईफ़ाई, इंटरनेट, ऑनलाइन स्टडी मटेरियल और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री उपलब्ध होगी.
कौशाम्बी. उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार द्वारा कौशाम्बी जिले की 451 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए लगभग 4.12 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है. योजना खास तौर पर ग्रामीण विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और डिजिटल शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए वरदान साबित होगी. गांवों में बनने वाली इन डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, वाईफ़ाई, इंटरनेट सुविधा, किताब ऑनलाइन स्टडी मटेरियल और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी.
डिजिटल लाइब्रेरी बनने से एक और रोजगार मिलेगा क्योंकि सभी ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण करवाया जाएगा, उसके लिए एक सहायक पद पर तैनाती भी की जाएगी. यह डिजिटल लाइब्रेरी ग्राम पंचायत भवन पर संचालित की जाएगी. छोटे-छोटे गांव के रहने वाले छात्रों को शहरों की लाइब्रेरी या कोचिंग संस्थान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि शहरों की लाइब्रेरी में या कोचिंग संस्थानों में गरीब तबगे के बच्चे फीस नहीं दे पाते हैं. प्रतियोगी परीक्षाएं व कंपटीशन में तैयारी करने के लिए सही तरीके से नहीं कर पाते हैं क्योंकि जहां पैसे देकर पढ़ाई की जाती है अगर सही समय पर फीस नहीं दिया जाता है तो मास्टरों के द्वारा ताने भी दिए जाते हैं. इससे छात्रों का माइंड डिस्टर्ब हो जाता है और वह पढ़ाई लिखाई पर सही तरीके से ध्यान नहीं दे पाते हैं. इसके लिए सरकार द्वारा कौशाम्बी सभी ग्राम पंचायत में 451 डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण करवाया जाएगा, ताकि सभी बच्चे निशुल्क पढ़ाई करके अपने भविष्य को आगे बढ़ा सके.
डिजिटल लाइब्रेरी से छात्रों को मिलेगी बेहतर सुविधा
छात्र श्यामसुंदर पटेल, राज कुशवाहा, यश पाण्डेय ने बताया कि अभी तक हम लोग घर पर ही पढ़ाई पूरी करते थे लेकिन घरों का सही और शांत माहौल न होने के कारण सही तरीके से पढ़ाई नहीं कर पाते थे. हम जैसे गरीबों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी वह अच्छे कोचिंग संस्थानों पर पढ़ने के लिए फीस की व्यवस्था भी नहीं उपलब्ध हो पाती. माता-पिता मेहनत मजदूरी करके घर परिवार चलाते हैं और थोड़ा बहुत बचा कर हम लोगों की पढ़ाई पर भी खर्च करते हैं तो ऐसे में हम लोग बड़े-बड़े संस्थानों में पहुंचने के लिए दूर रह जाते हैं. अगर सरकार द्वारा हम जैसे गरीबों के लिए सभी ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने का निर्णय लिया है तो यह बहुत ही सराहनीय है ताकि हम जैसे गरीब बच्चे भी डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़ करके कंपटीशन की तैयारी करें और अपने आगे भविष्य को भी बनाएं.
कंपटीशन की छात्रा अंकिता पाण्डेय ने बताया कि सरकार द्वारा जो सभी गांव-गांव ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने के लिए निर्णय लिया गया है यह बहुत ही सही निर्णय है. गांव के गरीब परिवार के बच्चे डिजिटल लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए फीस नहीं दे पाते हैं और घरों में सही माहौल एवं इंटरनेट की सुविधा न होने के कारण सही से पढ़ाई नहीं कर पाते हैं. गांव में डिजिटल लाइब्रेरी खुल जाती है तो गरीब परिवार के बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचेंगे और वहां पर फीस नहीं ली जाएगी और वहां पर अच्छी व्यवस्थाएं दी जाएगी. जैसे वाईफाई की सुविधा और पुस्तकालय की सुविधा ऐसी तमाम सुविधाएं दी जाएगी तो कंपटीशन की पढ़ाई कर सकते हैं.
कौशाम्बी मुख विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने बताया कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए सभी ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी खोली जा रही है. जिले के 451 ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएगी, जिसमें से प्रथम चरण में 103 लाइब्रेरी के लिए कार्य चालू हो गया है. 103 लाइब्रेरी के लिए फर्नीचर एवं पुस्तकालय जैसी तमाम सामग्रियों के लिए सरकार द्वारा टेंडर भी हो गया है. मार्च महीने में 103 लाइब्रेरी बनाकर चालू की जाएगी. लाइब्रेरी में बच्चों को पुस्तक, इंटरनेट जैसी सुविधाएं दी जाएगी. छात्र एवं छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाएं में अपनी पढ़ाई अच्छे से पूरी कर सकेंगे और कंपटीशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अवसर भी मिलेगा. कौशांबी जिले में टोटल 451 ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएगी.
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