मिडिल ईस्ट युद्ध का भारत के गैस एजेंसियों पर प्रभाव, सिलेंडर सप्लायर बोले- लोग फोन कर बता रहे परेशानी

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Bahraich News: ईरान-इजरायल युद्ध का प्रभाव भारत में भी देखने को मिल रहा है. भारत में पेट्रोल-डीजल के बाद अब सिलेंडर पर भी इसका असर पड़ रहा है. आपको जब आवश्यकता होती थी, आप महीने में एक-दो बार आराम से गैस ले सकते थे. लेकिन अब आप 25 दिन में एक ही बार गैस बुक करा सकते हैं. आइए बहराइच के लोगों से जानते हैं कि उनपर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है.

बहराइच: अमेरिका, ईरान के युद्ध में न सिर्फ पेट्रोल-डीजल की बातें उठ रही हैं, बल्कि घरेलू सिलेंडर पर भी आफत आ गई है और इनके दाम बढ़ गए हैं, जिसको लेकर अब लोग काफी चिंतित भी हैं. गैस के दाम बढ़ने के बाद कई नियम भी लागू हो गए हैं. पहले गैस बुक करने की समय अवधि सुनिश्चित नहीं थी. आपको जब आवश्यकता होती थी, आप महीने में एक-दो बार आराम से गैस ले सकते थे. लेकिन अब आप 25 दिन में एक ही बार गैस बुक करा सकते हैं. अब आपको अगला सिलेंडर 25 दिन के बाद ही बुकिंग के जरिए मिलेगा.

ऐसा ही रहा, तो कैसे चलेगा काम
लोकल 18 की टीम जब गैस की बढ़ती कीमत और कीमतों को लेकर गैस वितरित करने वाले लोगों से बातचीत की, तब लोगों ने कहा कि सब कुछ तो ठीक है, लेकिन जिनके यहां पार्टी-फंक्शन, विवाह समारोह पड़ता है, उन सबके लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाएगी. दरअसल पहले बिना बुकिंग के कुछ अतिरिक्त शुल्क देकर शादी-विवाह के लिए गैस-सिलेंडर ले लिया जाता था. लेकिन जब से विदेशों में युद्ध छिड़ा है, तब से बिना बुक कराए गैस नहीं मिल पा रही है. ऐसे में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

घरेलू गैस के बड़े दाम, क्या होगा परिणाम
क्या आपने सोचा है कि घरेलू गैस के अगर और अधिक अगर दाम बढ़ गए, तो क्या होगा. गरीब तपके के लोग या मिडिल क्लास फैमिली का जीवनयापन मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि रोजमर्रा की जिंदगी में घरेलू गैस का सबसे बड़ा योगदान होता है. सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक, सब घरेलू गैस से ही होता है. गांव-देहात के लोग तो किसी तरीके से लकड़ी के सहारे अपना चूल्हा-चौका कर लेंगे, लेकिन शहर के लोग तो पूरी तरीके से गैस पर ही निर्भर हैं.

अब ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि अगर गैस की दिक्कत हुई, तो लोगों की जिंदगी कैसे कटेगी. हालांकि लोकल स्तर पर गैस विक्रेताओं ने आश्वासन देते हुए कहा है कि यह किल्लत तीन-चार दिन में खत्म हो जाएगी. लेकिन युद्ध को देखते हुए ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि आगे और दिक्कतें गैस, पेट्रोल और डीजल को लेकर बढ़ सकती है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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