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सरैया से बोड़ी पोखरी तक जाने वाला मार्ग लगभग 5 से 6 किलोमीटर पूरी तरह खराब है.लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी न नेता इस सड़क का निर्माण नहीं करवा पाया है. इस सड़क में इतने बड़े बड़े गड्ढे है जिसके कारण आए दिन हादसे भी होते है और लोगों चोटिल हो रहे है.इस मार्ग में पूरे दिन वाहन निकलने के बाद धूल उड़ रही है. यही धूल हम लोगों के घरों जाती है और फिर खाने में और लोग इसी धूल के कारण बीमार भी हो रहे है. उन्होंने बताया कि इस मार्ग से लोग सतना,कौशांबी,प्रयागराज, राजापुर जाते है.कई बार हम गांव वालों ने अधिकारियों से सड़क बनवाने के मांग की लेकिन जनता को केवल उनसे सड़क बनवाने को लेकर आश्वासन मिला. और आज तक सड़कें जस की तस बनी हैं.
चित्रकूटः बुंदेलखंड के चित्रकूट में कई ऐसी सड़के है.जिसमें से निकलने में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में आज हम आप को जिले की एक ऐसी सड़क के बारे में बताने जा रहे है. जिसमें से लगभग 1 हजार से भी ज्यादा वाहन पूरे दिन में निकल जाते है.लेकिन सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे लोगों का सफर जोखिम भरा बन गया है. आज तक उस रोड का सही निर्माण नहीं हो पाया है.और गांव के लोग वाहन निकलते समय उड़ने वाली धूल अपने अंदर लेने को मजबूर है.
सड़क पर उड़ते हैं धूल भरे गुब्बारे
चित्रकूट लोकल 18 को टीम जिले के अगरहुंडा गांव पहुंची.जहां के रहने वाले देव कुमार सिंह का कहना है की यहां से पूरे दिन में बहुत सारे वाहन निकलते है. सरैया से बोड़ी पोखरी तक जाने वाला मार्ग लगभग 5 से 6 किलोमीटर पूरी तरह खराब है.लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी न नेता इस सड़क का निर्माण नहीं करवा पाया है. इस सड़क में इतने बड़े बड़े गड्ढे है जिसके कारण आए दिन हादसे भी होते है और लोगों चोटिल हो रहे है. उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि बरसात के दिनों में यह सड़क कीचड़ से भर जाती है, जबकि गर्मियों में यहां धूल का गुबार उड़ता रहता है.
सतना, प्रयागराज का है प्रमुख मार्ग
वही गांव के विक्रम ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि इस मार्ग में पूरे दिन वाहन निकलने के बाद धूल उड़ रही है. यही धूल हम लोगों के घरों जाती है और फिर खाने में और लोग इसी धूल के कारण बीमार भी हो रहे है. उन्होंने बताया कि इस मार्ग से लोग सतना,कौशांबी,प्रयागराज, राजापुर जाते है.कई बार हम गांव वालों ने अधिकारियों से सड़क बनवाने के मांग की लेकिन जनता को केवल उनसे सड़क बनवाने को लेकर आश्वासन मिला. और आज तक सड़कें जस की तस बनी हैं. इस सड़क से पूरे दिन निकलने वाले ट्रक से लोग काफी ज्यादा प्रभावित है. उनका मानना है कि सबसे ज्यादा धूल ट्रक से ही उड़कर जाती है.जानकारी के लिए बता दे कि यह मार्ग कई गावों को जोड़ता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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