गैस सिलेंडर महंगा होने से रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ी मार, फरीदाबाद में ऑर्डर कम होने से डिलीवरी बॉय और आम आदमी परेशान

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खाड़ी देशों में जंग के चलते एलपीजी सिलेंडर महंगे और कम उपलब्ध हो रहे हैं. गैस की कमी की वजह से कई रेस्टोरेंट ठीक से काम नहीं कर पा रहे, ऑर्डर घट गए हैं और डिलीवरी वालों की कमाई भी गिर गई है.

फरीदाबाद: खाड़ी देशों में चल रही जंग का असर अब सीधे-सीधे भारत के आम लोगों की जिंदगी में दिखने लगा है. सबसे ज्यादा झटका रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमत और उसकी उपलब्धता पर पड़ा है. कई जगहों पर तो सिलेंडर बहुत महंगे मिल रहे हैं या फिर समय पर मिल ही नहीं पा रहे. इसका असर रोजमर्रा के खर्चों और लोगों की कमाई पर भी साफ नजर आ रहा है. खासकर जिनका काम रेस्टोरेंट या फूड डिलीवरी से जुड़ा है, उनकी हालत तो और खराब हो गई है. गैस की कमी की वजह से कई रेस्टोरेंट ठीक से काम नहीं कर पा रहे, ऑर्डर घट गए हैं और डिलीवरी वालों की कमाई भी गिर गई है.

कमर्शियल गैस की कमी से रुका काम

Local18 से बात करते हुए स्विग्गी में डिलीवरी बॉय गौरव कौशिक ने कहा पहले अच्छे-खासे ऑर्डर मिल जाते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. कमर्शियल गैस की कमी की वजह से रेस्टोरेंट में काम रुक-रुक कर हो रहा है ऑर्डर भी कम हो गए हैं. गौरव बताते हैं कि पहले पार्ट टाइम में ही 600 से 700 रुपये तक कमा लेते थे अब ऑर्डर इतने कम हो गए हैं कि कमाई लगभग बंद सी हो गई है.

आगे दिक्कत और बढ़ेगी

गौरव ने ये भी कहा रेस्टोरेंट वाले खुद बता रहे हैं कि आगे दिक्कत और बढ़ेगी, क्योंकि गैस की सप्लाई में खासी परेशानी आ रही है. मुझे भी घरेलू सिलेंडर महंगे दामों में भरवाना पड़ा और इसके लिए मुझे पहले के मुकाबले करीब 60 रुपये ज्यादा देने पड़े.  ऊपर से पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़ गए हैं और मुझे रोज स्कूटी में फ्यूल भरवाना पड़ता है. उन्होंने ये भी बताया कि भले ही वो ये काम पार्ट टाइम करते हैं, लेकिन घर चलाने में इससे काफी मदद मिल जाती थी. अब कमाई घटने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. उनके ऊपर पत्नी दो बच्चे और मां की जिम्मेदारी है. गौरव ने सरकार से गुजारिश की है कि जल्दी इस समस्या का हल निकाला जाए, क्योंकि इसका असर सीधे लोगों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है.

जिंदगी में कभी गैस सिलेंडर के ऐसे हालात नहीं देखे

फरीदाबाद की 55 साल की गीता कहती हैं जिंदगी में कभी गैस सिलेंडर के ऐसे हालात नहीं देखे. मेरे ससुर को फरीदाबाद में रहते 80 साल हो गए, लेकिन ऐसी स्थिति कभी नहीं आई. युद्ध की वजह से सिलेंडर महंगा भी हो गया है और बुकिंग भी समय पर नहीं हो पा रही, जिससे घर का सारा कामकाज बिगड़ गया है. गीता बताती हैं कि उनके पति अब नहीं हैं घर की जिम्मेदारी उन्हीं पर है. गैस महंगी होने और समय पर न मिलने से खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है. पहले ही घर चलाना आसान नहीं था अब सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने मुसीबत और बढ़ा दी है.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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