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चित्रकूट जिले के मानिकपुर तहसील के अगरहुंडा क्षेत्र में मुख्यमंत्री मॉडल कॉम्पोजिट विद्यालय का निर्माण किया जाएगा,यह विद्यालय प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराएगा.सरकार की ओर से इस विद्यालय के निर्माण के लिए 24 करोड़ 40 लाख 63 हजार रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है.
चित्रकूट जिले का पाठा क्षेत्र कभी डकैतों के खौफ के लिए जाना जाता था. दशकों पहले हालात ऐसे थे कि शाम ढलते ही यहां के लोग अपने घरों में दुबक जाते थे. दूर-दराज के गांवों में शिक्षा की स्थिति भी काफी कमजोर थी, कई बार स्कूलों में शिक्षक पहुंचने से कतराते थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती रही है. लेकिन अब बदलते समय के साथ पाठा क्षेत्र की तस्वीर भी बदल रही है. जो आने वाले समय में हजारों बच्चों का भविष्य संवार सकती है.
24 करोड़ से बनेगा मॉडल कंपोजिट विद्यालय
बता दें कि चित्रकूट जिले के मानिकपुर तहसील के अगरहुंडा क्षेत्र में मुख्यमंत्री मॉडल कॉम्पोजिट विद्यालय का निर्माण किया जाएगा, यह विद्यालय प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराएगा. सरकार की ओर से इस विद्यालय के निर्माण के लिए 24 करोड़ 40 लाख 63 हजार रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है जिसका निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा कराया जाएगा. यह विद्यालय मानिकपुर क्षेत्र के सरैया–बोरीबोखरी रोड के पावर हाउस के पास बनाया जाएगा जिसमें पाठा क्षेत्र के बच्चे अपना भविष्य संवार पाएंगे.
1500 विद्यार्थियों के अध्ययन की व्यवस्था
वही इस संबंध में जिला अधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि यह परियोजना पाठा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. लंबे समय से यहां के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं, लेकिन अब इस विद्यालय के बनने से स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह चित्रकूट जिले का दूसरा मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालय होगा. इस विद्यालय में करीब 1500 विद्यार्थियों के अध्ययन की व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए कुल 30 कक्षाओं का निर्माण किया जाएगा.
बच्चों को मिलेगी कई सुविधाएं
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि विद्यालय परिसर में आधुनिक पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, योग कक्ष, संगीत और नृत्य कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. बच्चों के शारीरिक विकास के लिए बड़ा खेल मैदान भी बनाया जाएगा.इसके साथ ही छात्रों के आने-जाने के लिए सरकारी सुविधा देने की भी योजना है, ताकि दूर-दराज के गांवों के बच्चे भी आसानी से विद्यालय पहुंच सकें. इसके अलावा यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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