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Lemon Plant Care Tips with Onion Peel Fertilizer: नींबू के पौधे में अधिक फल पाने के लिए प्याज के पानी का उपयोग एक प्रभावी घरेलू नुस्खा है. प्याज के पोषक तत्व फूलों को झड़ने से रोकते हैं. इसके साथ ही पौधे को 6-8 घंटे की धूप देना और फूल आते समय पानी कम करना रसीले नींबू की पैदावार के लिए जरूरी है.
पाली. सर्दियां विदा हो रही हैं और सूरज के तेवर तीखे होने वाले हैं. यानी अब नींबू-पानी और शिकंजी की डिमांड बढ़ने वाली है. लेकिन अक्सर डिमांड बढ़ने के साथ ही नींबू के दाम भी आसमान छूने लगते हैं. ऐसे में क्यों न इस बार आप बाजार के महंगे नींबू पर निर्भर रहने के बजाय अपने घर की छत या बालकनी को ही नींबू के बगीचे में बदल दें? आज हम आपके लिए एक ऐसी जादुई तकनीक लाए हैं, जिससे आपके घर में नींबू का पौधा फलों से लद जाएगा. बस आपकी रसोई की एक ‘गुलाबी चीज’ और कुछ खास ट्रिक्स आपके पौधे की किस्मत बदल सकती हैं.
अक्सर होम गार्डनिंग का शौक रखने वाले लोगों की एक ही शिकायत होती है कि सालों से नींबू का पौधा लगा है, पत्तियां तो खूब आ रही हैं लेकिन फल का नामोनिशान नहीं है. कई बार फूल आते भी हैं, तो वे फल बनने से पहले ही गिर जाते हैं. अगर आप भी इसी समस्या से परेशान हैं, तो अब बेफिक्र हो जाइए. आपकी रसोई में ही ‘प्याज’ के रूप में एक ऐसा खजाना छिपा है, जिसे ‘गुलाबी जादुई फर्टिलाइजर’ कहा जा सकता है. यह आपके पौधे को फल देने के लिए प्रेरित करने का सबसे सस्ता और प्रभावी तरीका है.
प्याज से तैयार करें ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर
प्याज के छिलकों और प्याज के पानी में आयरन, पोटेशियम और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है. यह नींबू के पौधे के लिए एक बेहतरीन ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर है. इसे बनाने के लिए एक प्याज को काटकर या उसके गुलाबी छिलकों को एक लीटर पानी में करीब एक घंटे के लिए भिगो दें. इसके बाद पानी को छान लें और सीधे पौधे की मिट्टी में डालें. हर 15 दिन में एक बार ऐसा करने से पौधे को वे माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं, जो उसे फल पैदा करने के लिए जरूरी होते हैं. आप देखेंगे कि कुछ ही हफ्तों में पौधा फूलों से भर गया है.
धूप और पानी का सही संतुलन
नींबू का पौधा धूप का शौकीन होता है. इसे दिन में कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी धूप वाली जगह पर रखना अनिवार्य है. अगर पौधे को धूप नहीं मिलेगी, तो वह कभी फल नहीं देगा. सिंचाई के मामले में सावधानी बरतें; काफी लोग फूल आते ही पौधे में ज्यादा पानी डालना शुरू कर देते हैं, जिससे जड़ें कमजोर होकर फूल गिरा देती हैं. नींबू के पौधे को थोड़े ‘स्ट्रेस’ यानी कम पानी की जरूरत होती है ताकि वह फल बना सके. पानी तभी दें जब ऊपर की मिट्टी पूरी तरह सूखी नजर आए. साथ ही, रसीले फल के लिए अंडे के छिलकों का पाउडर या थोड़ी सी चूने की मात्रा मिट्टी में मिलाना फायदेमंद रहता है.
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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें


