‘शादी में जूता चुराई बंद’, छत्तीसगढ़ में किसने बनाए अनोखे नियम; फोन पर बात करने पर भी हुआ फैसला

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छत्तीसगढ़ में सेन समाज कई चौंकाने वाले फैसले किए हैं. इस समाज ने सगाई के बाद टूटते रिश्तों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसी वजह से मंगेतरों के अकेले फोन पर बात करने पर रोक लगा दी है.

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सांकेतिक तस्वीर

छत्तीसगढ़ में सेन समाज ने सगाई के बाद टूटते रिश्तों को लेकर चिंता जताई है और मंगेतरों को अकेले में फोन पर बात करने से रोक दिया है. सेन समाज ने एक और फैसला लिया है कि अब दुल्हन की बहनें शादी के दौरान दूल्हे का जूता नहीं छुपा पाएंगी. सेन समाज की आबादी राज्य में करीब सवा दो लाख है और इनमें से लगभग 70 फीसदी लोग सैलून का काम करते हैं.

शादी से पहले लड़का-लड़की की बातचीत सिर्फ माता-पिता के सामने होगी
बालोद जिले के सेन समाज अध्यक्ष संतोष कौशिक ने बताया कि जिला स्तर की बैठक में कई नए नियम बनाए गए. उन्होंने बताया कि अब सगाई के बाद मंगेतर अकेले में फोन पर बात नहीं कर सकेंगे. कौशिक ने कहा कि जब टूटते रिश्तों की वजह पता की गई तो सामने आया कि शादी से पहले लड़का-लड़की मोबाइल पर बात करते हैं, जिससे रिश्ते टूट जाते हैं. इसलिए अब सगाई के बाद और शादी से पहले लड़का-लड़की की बातचीत सिर्फ माता-पिता के सामने होगी.

सेन समाज के प्रवक्ता उमेश कुमार सेन ने बताया कि समाज की बैठक में यह भी तय हुआ कि अब दुल्हन की बहनें दूल्हे का जूता नहीं छुपा पाएंगी, क्योंकि इससे दोनों पक्षों में विवाद हो जाता है.

सगाई टूटने की बढ़ी हैं घटनाएं: गौरी शंकर श्रीवास
प्रदेश संगठन मंत्री गौरी शंकर श्रीवास ने कहा कि उन्हें बालोद के फैसले की जानकारी है और वे चाहते हैं कि यह नियम पूरे प्रदेश में लागू हो. श्रीवास ने कहा कि पिछले कुछ समय में सगाई टूटने की घटनाएं बढ़ी हैं और जांच में पता चला कि मंगेतर फोन पर बात करते थे, जिससे कई बार रिश्ते टूट जाते थे.

सेन समाज के फैसले पर अलग-अलग है राय
सेन समाज के इस फैसले पर नई पीढ़ी की राय अलग-अलग है. बालोद की 20 साल की साक्षी ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि अगर मोबाइल फोन की वजह से सगाई टूट रही है तो शादी से पहले घंटों बात करना ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि यह फैसला परिवार और समाज दोनों के लिए अच्छा है. वहीं, पत्रकार पूनम ऋतु सेन ने समाज से इस फैसले पर फिर से सोचने की अपील की है. सेन ने कहा कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवन साथी चुनने की बात है. अगर किसी के साथ पूरा जीवन बिताना है तो उसे समझना जरूरी है, इसलिए जब मंगेतर आपस में बात करेंगे तो उन्हें एक-दूसरे को समझने का मौका मिलेगा.



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