सूजन से लेकर वेट लॉस तक…कच्ची हल्दी सेहत का सोना, इम्युनिटी बूस्टर के लिए वरदान – Uttar Pradesh News

Date:


Last Updated:

भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली कच्ची हल्दी इन दिनों सेहत की दुनिया में फिर सुर्खियां बटोर रही है. आयुर्वेद में इसे संजीवनी समान कहा गया है. इसमें करक्यूमिन और शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं. यह कई रोगों से निजात दिला सकती है.

कच्ची हल्दी को इम्यूनिटी बूस्टर कहा गया है. इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाव में सहायक होते हैं. इसके नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे मौसमी बीमारियों के खतरे की संभावना कम रहती हैं.

कच्ची हल्दी जोड़ों के दर्द और सूजन से परेशान लोगों के लिए भी फायदेमंद होती है. इसकी सूजनरोधी क्षमता गठिया जैसी समस्याओं में राहत दे सकती है. कच्ची हल्दी के करक्यूमिन तत्व सूजन को कम करने में मदद करते है, जिससे जोड़ों की जकड़न और दर्द में आराम मिलता हैं.

कच्ची हल्दी का पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी योगदान बेहद महत्वपूर्ण है. यह गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को कम करने में लाभकारी सिद्ध हो सकती है. इसके नियमित सेवन से आंतों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है और पेट हल्का महसूस होता है, जिससे दिनभर शरीर ऊर्जावान रहता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ वंदना तिवारी के अनुसार, कच्ची हल्दी की भूमिका शरीर को डिटॉक्स करने में खास मानी जाती है. यह लिवर की कार्यक्षमता को समर्थन दे सकती है और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार साबित हो सकती है. खून को साफ करने में भी इसके गुण उपयोगी होते हैं, जिससे त्वचा पर भी सकारात्मक असर दिखता है.

कच्ची हल्दी का गुनगुना दूध या काढ़ा सर्दी-खांसी या गले में खराश को दूर करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो गले को आराम देने में सहायक हो सकती है. कई घरों में बदलते मौसम में इसे रोगों से बचाव के उपाय के तौर पर प्रयोग किया जाता है. कच्ची हल्दी एक शानदार औषधि है.

वजन को कंट्रोल करने में भी कच्ची हल्दी लाभकारी है. यह मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है, जिससे कैलोरी बर्न की प्रक्रिया शानदार होती है. यही नहीं, कच्ची हल्दी सूजन कम करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं.

कच्ची हल्दी को कद्दूकस कर दूध में उबालकर, चाय में मिलाकर या सुबह गुनगुने पानी के साथ सेवन जा सकता है. हालांकि, यदि किसी को पित्त की पथरी, मधुमेह या खून पतला करने वाली दवाएं चल रही हों, तो सेवन से पहले आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह जरूरी ले. क्योंकि किन्हीं परिस्थितियों में यह हानिकारक भी हो सकती हैं.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related