Last Updated:
आगरा में तोते और अन्य पक्षियों की संख्या तेजी से घट रही है. बढ़ता प्रदूषण, वाहनों की आवाज़ और पेड़ों की कटाई इसके मुख्य कारण हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पेड़ों को नहीं बचाया गया और प्रदूषण नहीं कम हुआ, तो ये पक्षी पूरी तरह विलुप्त हो सकते हैं.
आगरा. शहर में तेजी से तोतों की संख्या कम हो रही है, अब तो तोते देखने को भी नहीं मिल रहे हैं. बढ़ते प्रदूषण और पेड़ों की अनवरत कटाई इसका मुख्य कारण बन रहे हैं. गांव-देहात में भी पेड़ों की कटाई के कारण तोते धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं. आगरा के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. संजीव नेहरू ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह माहौल बना रहा तो तोता पूरी तरह से विलुप्त प्रजाति में शामिल हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हमें मिलकर अपने पक्षियों और प्रकृति को बचाना चाहिए.
डॉ. नेहरू बताते हैं कि दरअसल तोते, कौए या अन्य कोई भी पक्षी पेड़ों पर अपना घोंसला बनाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे जब पेड़ कटेंगे और नहीं रहेंगे तो पक्षी कहां घोंसला बनाएंगें. इसी कारण शहर में तोते कम होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि दूसरा सबसे बड़ा कारण बढ़ता प्रदूषण है. प्रदूषण और वाहनों की आवाज़ों से तोते दूर जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें जरूरत है कि हम जहां रह रहे हैं वहां कम से कम दो पेड़ जरूर लगाएं. इससे पक्षियों को बचाया जा सकता है और यह हमारे जीवन व पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगा.
प्रदूषण और बढ़ते वाहन तोतों को कर रहे हैं विलुप्त
आगरा के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. संजीव नेहरू ने बताया कि वर्तमान में शहर से तोते गायब होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि शहर से तोते, कौए और अन्य कई पक्षियों ने पलायन कर लिया है, जिसका मुख्य कारण बढ़ता प्रदूषण और वाहनों की संख्या है. डॉ. नेहरू ने बताया कि जब पेड़ ही नहीं बचेंगे तो तोते कहां अपना घोंसला बनाएंगे. उन्होंने कहा कि पक्षी हमेशा पेड़ों पर ही अपना घोंसला बनाते हैं, जमीन पर नहीं, और यही कारण है कि अब पक्षी विलुप्त होते जा रहे हैं. डॉ. ने कहा कि शहर में इतने वाहन हो गए हैं कि ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि अधिक ध्वनि से पक्षियों को तकलीफ होती है, इसलिए तोते अब शहर से गायब हो गए हैं. गांव-देहात में यदि पेड़ों को बचाया नहीं गया तो वहां से भी तोते गायब हो जाएंगे और यह तोते भी विलुप्त प्रजाति में आ जाएंगे.
पेड़ लगाकर बचाया जा सकता है पक्षियों को
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजीव नेहरू ने बताया कि यदि तोते या अन्य पक्षियों को बचाना है तो जितना हो सके उतने पेड़ लगाने चाहिए. उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई पर रोक लगनी चाहिए. पक्षियों का घर पेड़ ही होता है, जब पेड़ नहीं रहेंगे तो उनका घर भी नहीं होगा, जिस कारण पक्षी विलुप्त हो जाएंगे. डॉ. ने कहा कि पशु प्रेमियों को इस विषय पर गंभीरता से सोचना चाहिए, उन्होंने कहा कि शहर में घर, मकान या फ्लैट के निर्माण के दौरान कई पेड़ काट दिए जाते हैं, जिससे कई पक्षियों के घोंसले उजड़ जाते हैं और उनकी संख्या कम हो जाती है, उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण भी दूषित हो रहा है. डॉ. संजीव ने कहा कि सभी लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए ताकि पक्षियों और पर्यावरण दोनों को सुरक्षित रखा जा सके.
About the Author
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें


