पहचान नहीं पाओगे कानपुर, 3 साल में इतना बदल जाएगा शहर, 12 विभागों के 140 प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी, जानें पूरा प्लान

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इनका मकसद औद्योगिक नगरी की पुरानी पहचान को वापस लाना और शहर की सूरत बदलना है. सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आने वाले तीन से चार साल में कानपुर में बड़ा बदलाव दिखना चाहिए. अब तक कुल 140 प्रोजेक्ट्स में से 44 की डीपीआर शासन तक भेजी जा चुकी है. कानपुर विकास प्राधिकरण के पास 38 कार्य हैं, जिन पर लगभग 6655.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. कानपुर नगर निगम के जिम्मे 47 परियोजनाएं हैं, जिनकी लागत करीब 5122.05 करोड़ रुपये है. प्रमुख योजनाओं में मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की योजना भी शामिल है.

कानपुर. लंबे समय से जाम, टूटी सड़कों, गंदगी और प्रदूषण जैसी समस्याओं से जूझ रहे कानपुर के लिए अब बड़ी पहल की गई गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर से जुड़े 12 विभागों के 140 विकास कार्यों को मंजूरी दे दी है. इन परियोजनाओं का मकसद औद्योगिक नगरी की पुरानी पहचान को वापस लाना और शहर की सूरत बदलना है. सीएम ने साफ कहा है कि अब सिर्फ योजनाएं नहीं, जमीन पर नतीजे दिखने चाहिए. साल 2024 में कानपुर की समस्याओं को लेकर गंभीर मंथन हुआ. कानपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने दूसरे विभागों के साथ मिलकर करीब छह महीने तक शहर की हालत का अध्ययन किया. इसमें सामने आया कि ट्रैफिक जाम, बदहाल सड़कें, सीवर और प्रदूषण बड़ी चुनौतियां हैं. इसी के आधार पर एक सिटी डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया और चरणबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा बनाई गई.

जब इन योजनाओं का प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के सामने रखा गया, तो उन्होंने तीन चरणों में सभी 140 प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दे दी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आने वाले तीन से चार साल में कानपुर में बड़ा बदलाव दिखना चाहिए. केडीए के वीसी मदन सिंह गर्ब्याल के मुताबिक, कुल 140 प्रोजेक्ट्स में से 44 की डीपीआर शासन तक भेजी जा चुकी है. कई योजनाओं के लिए बजट भी शासन स्तर से जारी होगा. अकेले केडीए के पास 38 परियोजनाएं हैं. उनका कहना है कि अगर तय समय पर काम हुआ तो आने वाले वर्षों में कानपुर की तस्वीर काफी हद तक बदल जाएगी.

किस विभाग के कितने प्रोजेक्ट

विभागवार देखें तो कानपुर विकास प्राधिकरण के पास 38 कार्य हैं, जिन पर लगभग 6655.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. कानपुर नगर निगम के जिम्मे 47 परियोजनाएं हैं, जिनकी लागत करीब 5122.05 करोड़ रुपये आंकी गई है. लोक निर्माण विभाग 19 कामों पर लगभग 2126.1 करोड़ रुपये खर्च करेगा, जबकि उप्र राज्य सेतु निगम के छह प्रोजेक्ट्स पर करीब 4833.76 करोड़ रुपये की लागत आएगी. उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम 10 कार्यों पर 15 करोड़ रुपये, उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम एक परियोजना पर 375 करोड़ रुपये और उप्र मेट्रो रेल कार्पोरेशन एक प्रोजेक्ट पर 300 करोड़ रुपये खर्च करेगा. सामाजिक वानिकी विभाग के दो कार्यों पर लगभग 2 करोड़ रुपये का प्रावधान है. यूपीसीडा की एक योजना पर 799.97 करोड़ रुपये, जिला उद्योग केंद्र के दो प्रोजेक्ट्स पर 494 करोड़ रुपये, खेल विभाग की एक परियोजना पर 350 करोड़ रुपये और केस्को के 12 कार्यों पर करीब 2396.7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

ये हैं शहर की सूरत बदलने वाले बड़े काम

इन प्रमुख योजनाओं में मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की योजना शामिल है. गंगा बैराज की ओर अटल घाट के पीछे फोरलेन सड़क बनाई जाएगी, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा. इंदिरा नगर में गौतमबुद्ध पार्क का निर्माण कराया जाएगा और चकेरी एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा. शहर के चारों मुख्य प्रवेश द्वारों को भी नया रूप दिया जाएगा ताकि बाहर से आने वालों को बेहतर पहली झलक मिल सके. न्यू ट्रांसपोर्ट नगर फेस वन और टू में साढ़े चार एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाएगा, जिससे सीवर समस्या में राहत मिलेगी. तात्या टोपे नगर में हाईवे किनारे नया पार्क विकसित होगा और रतनपुर योजना में रामलीला पार्क का सौंदर्यीकरण किया जाएगा.

शहर के अलग-अलग पार्कों को संवारा जाएगा और बर्रा में पांडु नदी के किनारे करीब छह हेक्टेयर जमीन पर एक नया पार्क तैयार किया जाएगा. इन सबके जरिए प्रशासन का दावा है कि आने वाले तीन से चार साल में कानपुर की तस्वीर बदली हुई नजर आएगी.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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