गोरखपुर: अक्सर किसान सिर्फ गेहूं, धान और गन्ने जैसी फसलों तक सीमित रह जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके खेत की खाली पड़ी जमीन और मेड़ आपको करोड़ों का मालिक बना सकती है. गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कृषि विभाग के निदेशक डॉ. आर.आर. सिंह के अनुसार, इमारती लकड़ी की खेती भविष्य का सबसे सुरक्षित निवेश है. हम आपको आज उन 5 खास पेड़ों के बारे में विस्तार से बताएंगे, जो 10 से 20 सालों में आपकी आर्थिक स्थिति को एक नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं. इन पेड़ों को लगाकर आप न केवल अपनी वर्तमान खेती जारी रख सकते हैं, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ा फंड भी खड़ा कर सकते हैं. तो चलिए शुरू करते हैं.
1. सागवान की खेती से मुनाफा
सागवान को इमारती लकड़ी का राजा माना जाता है और इसकी मांग बाजार में कभी कम नहीं होती. इसकी लकड़ी इतनी मजबूत होती है कि इस पर पानी और नमी का कोई असर नहीं पड़ता. इसका उपयोग शाही फर्नीचर, नक्काशीदार दरवाजे और जहाज निर्माण में किया जाता है. सागवान के पेड़ में प्राकृतिक रूप से एक ऐसा तेल पाया जाता है, जो इसे दीमक और कीड़ों से दूर रखता है. यदि किसान अपनी जमीन पर सागवान के पौधे लगाते हैं, तो 15 से 20 वर्षों में एक-एक पेड़ लाखों की कीमत दे सकता है.
2. साखू (शाल), दशकों तक टिकने वाला भरोसा
साखू की लकड़ी अपनी कठोरता के लिए जानी जाती है. अगर आप ऐसी लकड़ी चाहते हैं जो पीढ़ियों तक चले, तो साखू सबसे अच्छा विकल्प है. रेलवे स्लीपर से लेकर भारी निर्माण कार्यों तक में इसका लोहा माना जाता है. यह पेड़ कम पानी वाले क्षेत्रों में भी अच्छी तरह पनप जाता है. इसकी खेती की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बहुत ज्यादा रखरखाव की जरूरत नहीं होती. एक बार पौधा जड़ पकड़ ले, तो यह अपने आप तेजी से बढ़ता है और किसान को मोटा मुनाफा देता है.
3. महोगनी, कम समय में सबसे ज्यादा रिटर्न
अगर आप बहुत लंबा इंतजार नहीं करना चाहते, तो महोगनी आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है. यह पेड़ अन्य इमारती पेड़ों की तुलना में जल्दी तैयार होता है. मात्र 10 से 12 साल में इसकी लकड़ी कटाई के योग्य हो जाती है. इसकी लकड़ी का लाल-भूरा रंग और चमक इसे फर्नीचर उद्योग में बेहद लोकप्रिय बनाती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी महोगनी की भारी मांग है. महोगनी के पेड़ दीमकरोधी होते हैं और इनकी लकड़ी सजावटी सामानों के लिए सबसे महंगी बिकती है.
4. देवदार, नक्काशी के लिए बेस्ट
देवदार की लकड़ी न केवल मजबूत होती है, बल्कि इसमें एक खास तरह की खुशबू भी होती है. मंदिर निर्माण और बारीक नक्काशी के कामों में देवदार का कोई सानी नहीं है. यह लकड़ी वजन में हल्की होती है लेकिन टिकाऊपन में बहुत आगे है. हालांकि यह ठंडी जलवायु का पेड़ है, लेकिन सही देखभाल और तकनीक से इसकी खेती की जा सकती है. इसकी लकड़ी का बाजार मूल्य हमेशा ऊंचा रहता है, जिससे किसानों को अच्छी आय की गारंटी मिलती है.
5. आबनूस, दुर्लभ काला पत्थर जैसी लकड़ी
आबनूस का पेड़ लगाना थोड़ा धैर्य का काम है, लेकिन इसका फल उतना ही मीठा होता है. इसकी लकड़ी कोयले जैसी काली और पत्थर जैसी भारी होती है. यह दुनिया की सबसे महंगी लकड़ियों में से एक है. आबनूस का उपयोग लग्जरी आइटम्स और बेशकीमती वाद्य यंत्रों में किया जाता है. इसकी वृद्धि भले ही धीमी हो, लेकिन जब यह पेड़ तैयार होता है, तो इसकी कीमत सोने के बराबर मानी जाती है. इसकी खेती के लिए गर्म जलवायु और अच्छी देखभाल जरूरी है. शुरुआती वर्षों में नियमित सिंचाई और सुरक्षा आवश्यक है.
किसान भाई इन पांचों पेड़ों की वैज्ञानिक तरीके से खेती करके अपनी परंपरागत फसलों के साथ-साथ एक अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत तैयार कर सकते हैं. अगर आज आप इन पेड़ों को लगाते हैं, तो भविष्य में आपको कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ये निवेश आपके हमेशा साथ रहेगा.


