केले के रेशे से बना इको-फ्रेंडली पैड, MBA छात्रा मानसी कुमारी की अनोखी पहल

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Antrika Menstruation Pad: झारखंड की राजधानी रांची स्थित बीआईटी मेशरा की एमबीए छात्रा मानसी कुमारी ने महिलाओं की एक बड़ी और आम समस्या का देसी, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल समाधान तैयार किया है. बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त सेनेटरी पैड से होने वाली परेशानी को देखते हुए उन्होंने केले के रेशे और कॉटन से बना बायोडिग्रेडेबल मेंसुरेशन पैड विकसित किया है. यह पैड न सिर्फ महिलाओं की सेहत के लिए सुरक्षित है, बल्कि पूरी तरह इको-फ्रेंडली भी है, जिसे वह जल्द ही बाजार में लॉन्च करने की तैयारी में हैं. रिपोर्ट- शिखा श्रेया

झारखंड की राजधानी रांची स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज बीआईटी मेशरा की छात्रा मानसी कुमारी एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर में पढ़ाई कर रही हैं. छात्रा ने बायोडिग्रेडेबल मेंसुरेशन आंत्रिका पैड बनाया है. छात्रा मानसी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उन्होंने आमतौर पर देखा कि महिलाएं बाजार का पैड इस्तेमाल करती हैं. इस वजह से उन्हें इंफेक्शन, इचिंग यह सारी प्रॉब्लम होती है. क्योंकि उस पैड में केमिकल्स मिला होता है और एनवायरमेंट फ्रेंडली भी नहीं होता है.

छात्रा मानसी ने आगे बताया कि इसलिए उन्होंने सोचा क्यों ना इसी पर काम किया जाए. क्योंकि यह एक ऐसी समस्या है, जिससे लगभग हर एक महिला गुजरती है और हर वर्ग की भी. इसीलिए उन्होंने सबसे पहले केले के जो रेशे होते हैं.

जब वह सुख जाते हैं. उसको अक्सर कचरे के डब्बे में फेंक देते हैं. यहां उन्होंने केले के रेशा और कॉटन लिया. बस इसी दोनों की मदद से इसे तैयार किया है. इसमें ऊपर से एक कॉटन का कपड़ा है, जिसे सुई धागा से सीला गया है.

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छात्रा मानसी ने बताया कि कई बार महिलाओं की समस्या होती है कि पैड एक जगह नहीं रुक रहा है. इस वजह से लीकेज की समस्या हो जाती है. ऐसे में इसमें एक बटन लगा हुआ है. मतलब आप इसे फिक्स कर देंगे. फिर यह कहीं नहीं हिलने वाला है. वहीं, इसमें किसी तरह का कोई केमिकल का इस्तेमाल भी नहीं हुआ है. रैशेज रेडनेस में यह सब चीज आपको देखने को नहीं मिलेगा.

यह पैड पूरी तरह एनवायरमेंट फ्रेंडली है. इसीलिए किसी भी तरीके से यह पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगा. ये आसानी से मिट्टी में मिल जाता है. अपने पीछे कोई भी अवशेष नहीं छोड़ता है. इसे बनाने में उन्हें चार से पांच दिन का वक्त लगा.

पहले उन्होंने करीबन एक डेढ़ महीने रिसर्च किया. साथ ही कई महिलाओं से बातचीत की. इके बाद उन्हें पता चला कि समस्या कितनी गंभीर है. हर दूसरी कोई ना कोई महिला है. जो पीरियड में बाजार से आने वाले पैड की समस्या से परेशान है.

मानसी बताती हैं कि इसे वह मार्केट में बहुत जल्द लॉन्च करने वाली हैं. हालांकि उन्होंने अभी इसका रेट तय नहीं किया है, लेकिन अभी से ही महिलाएं इसे खरीदने की उत्सुकता दिखा रही हैं. क्योंकि यह इस्तेमाल में इतना ज्यादा कंफर्टेबल रहेगा और इतना आरामदायक रहेगा कि आपको लगेगा ही नहीं की कब पीरियड्स आया और कब चला गया. यह कॉटन का एकदम सॉफ्ट कपड़ा होता है. बिल्कुल उनको वैसा ही महसूस ही नहीं होगा.

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