गोंडा: गोंडा-बलरामपुर मार्ग स्थित इटियाथोक बिसुही पुल के नवनिर्माण की मांग को लेकर राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा. इस बार कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने अपने खून से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को पत्र लिखकर निर्माण करने की गुहार लगाई है.
बड़ा सड़क हादसा होने की संभावना
लोकल 18 से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय छात्र पंचायत के अध्यक्ष शिवम पांडेय बताते हैं कि इटियाथोक बिसुही पुल का निर्माण लगभग 114 साल पहले हुआ था. यह पुल अब पूरी तरीके से जर्जर हो चुका है. इसका नवनिर्माण करना बहुत जरूरी है. यह निर्माण नहीं हुआ, तो किसी दिन बहुत बड़ा सड़क हादसा हो सकता है और इस हादसे में कई लोगों की जान भी जा सकती है.
उन्होंने बताया कि रविवार को प्रदर्शन करते हुए 16 दिन हो गया है, लेकिन अभी तक कोई भी अधिकारी या प्रशासन की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया गया है और ना ही किसी ने यहां पर आकर हम लोगों से बातचीत की है.
क्यों लिखा खून से पत्र?
शिवम पांडे बताते हैं कि खून से पत्र इसलिए लिखे हैं कि इस पुल का निर्माण नहीं हुआ, तो यहां पर बहुत बड़ा हादसा हो सकता है और हादसे में खून तो बहेगा ही. इसलिए हमने पहले ही खून से पत्र लिख रहे हैं, ताकि राष्ट्रपति, पीएम और सीएम तक मेरी बात पहुंचे और इस पुल का जल्द से जल्द नवनिर्माण हो जाए.
कब हुआ था निर्माण?
शिवम पांडेय बताते हैं कि इटियाथोक बिसुही पुल का निर्माण 1912 में कराया गया था. इस समय इस पुल की आयु लगभग 114 वर्ष हो गई है और यह अपनी आयु पूरा कर चुका है. सरकार को और प्रशासन को कुछ दिख नहीं रहा है. किसी दिन इस पुल से बड़ा हादसा हो सकता है. इस पुल के पुनर्निर्माण के लिए हम लोग 16 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं और रविवार को 16वें दिन खून से लेटर लिखकर यह गुहार लगा रहे हैं कि इस पुल का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए.
पुल पूरी तरीके से जर्जर
शिवम पांडेय बताते हैं कि राम जन्मभूमि का निर्माण हो गया और जो श्री राम के ससुराल रास्ता यानी नेपाल जाता है, उस पुल की मरम्मत अभी तक नहीं हुई और इसमें मरम्मत की कोई जरूरत नहीं है. इस पुल का पुनर्निर्माण होना चाहिए, क्योंकि यह पुल पूरी तरीके से जर्जर है और यह पुल कभी भी गिर सकता है.
शिवम पांडेय बताते हैं कि गोंडा से बलरामपुर जाने के लिए इटियाथोक होकर ही लोग बलरामपुर जाते हैं और यह मात्र एक ऐसा पुल है, जिसको पार करके बलरामपुर नेपाल जाया जाता है, लेकिन इस पुल की हालत इतनी खराब है कि पता नहीं किस दिन बहुत बड़ा हादसा हो जाए. इसलिए सरकार से गुजारिश है कि इस पुल का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए. 24 फरवरी को यहां पर भारी संख्या में प्रदर्शन किया जाएगा. 16 दिन हो गए, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई भी आश्वासन नहीं मिला है.
जल्द से जल्द होना चाहिए निर्माण
दीनानाथ सेवा समिति के अध्यक्ष रंजीत पांडेय बताते हैं कि इटियाथोक बिसुही पुल बहुत ही जर्जर हाल में है. नीचे से ईट निकल रहे हैं. इसका निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए, नहीं तो किसी दिन बहुत बड़ा हादसा हो सकता है और हादसे की पूरी जिम्मेदारी गोंडा के प्रशासन की होगी. उन्होंने बताया कि इसके पहले भी मुख्यमंत्री जी को कई पत्र हम लोग भेज चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला है कि पुल का निर्माण कब होगा.


