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साल 2019 में एक ऐसी ही फिल्म रिलीज हुई, जिसने रिलीज होते ही अवॉर्ड्स की झड़ी लगा दी थी. दिलचस्प बात यह है कि जब इंडस्ट्री के बड़े सुपरस्टार रणबीर कपूर को इस फिल्म का ऑफर मिला, तो उन्होंने रोल सुनते ही इसे रिजेक्ट कर दिया था. लेकिन बाद में इसी फिल्म ने 6 दर्जन से ज्यादा अवॉर्ड्स जीतकर भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराया. तंग गलियों से निकलकर ग्लोबल मंच तक पहुंचने वाली इस फिल्म ने ‘अपना टाइम आएगा’ के नारे को हकीकत में बदल दिया था.
नई दिल्ली: बॉलीवुड में अक्सर एक एक्टर की ना दूसरे के करियर का टर्निंग पॉइंट बन जाती है. साल 2019 में आई जोया अख्तर की ‘गली बॉय’ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. फिल्म महज सुपरहिट नहीं साबित हुई बल्कि इसने भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी एक अलग जगह बनाई. अवॉर्ड्स के मामले में इस फिल्म ने ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए कि दुनिया दंग रह गई. मूवी ने साबित कर दिया कि सही मौका और टैलेंट मिलकर इतिहास रच सकते हैं.
जोया अख्तर की फिल्म ‘गली बॉय’ मुंबई के धारावी की तंग गलियों से निकले एक ऐसे लड़के की कहानी है, जिसके सपने उसकी औकात से कहीं बड़े थे. फिल्म की कहानी मुराद (रणवीर सिंह) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक गरीब परिवार से है. उसके पिता एक ड्राइवर हैं और चाहते हैं कि मुराद बस एक सुरक्षित नौकरी पा ले, लेकिन मुराद का दिल हिप-हॉप और रैप के लिए धड़कता है. (फोटो साभार: IMDb)
फिल्म दिखाती है कि कैसे मुराद अपनी गरीबी, पारिवारिक कलह और समाज की बेड़ियों को तोड़कर ‘गली बॉय’ बनता है. उसका डायलॉग ‘अपना टाइम आएगा’ सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उन करोड़ों युवाओं की उम्मीद बन गया जो अपनी पहचान बनाना चाहते हैं. यह फिल्म हमें सिखाती है कि चाहे दुनिया आपकी औकात कुछ भी बताए, अगर आपमें हुनर है, तो आप अपना आसमान खुद लिख सकते हैं. (फोटो साभार: IMDb)
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मुराद अपनी मुश्किल जिंदगी के दर्द को पन्नों पर उतारता है. उसकी मुलाकात एमसी शेर (सिद्धांत चतुर्वेदी) से होती है, जो उसे सिखाता है कि अपने शब्दों को आवाज कैसे देनी है. इसी बीच उसकी जिंदगी में सफीना (आलिया भट्ट) भी है, जो उससे बेइंतहा प्यार करती है और काफी पजेसिव है. (फोटो साभार: IMDb)
आईएमडीबी के मुताबिक, रणबीर कपूर को इस फिल्म में एमसी शेर (सिद्धांत चतुर्वेदी) का रोल ऑफर किया गया था. रणबीर उस समय सेकंड लीड नहीं निभाना चाहते थे और यही वजह थी कि उन्होंने गली बॉय को रिजेक्ट कर दिया था. बाद में यह रोल सिद्धांत चतुर्वेदी को मिला और वे रातों-रात स्टार बन गए. यह मूवी एक्टर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई थी.
फिल्म की असली जान थे इसके कलाकार. रणवीर सिंह ने मुराद के किरदार में खुद को पूरी तरह से ढाल लिया था. वहीं, आलिया भट्ट ने सफीना बनकर जो भोली लेकिन खतरनाक प्रेमिका का किरदार निभाया, उसकी आज भी मिसाल दी जाती है. आलिया का वो डायलॉग ‘मर जाएगा तू’ और ‘मुझे घर जाना है’ आज भी मीम्स की दुनिया में छाया रहता है. इन दोनों की केमिस्ट्री ने धारावी की तंग गलियों के प्यार को पूरी दुनिया के सामने पर्दे पर उतार दिया. (फोटो साभार: IMDb)
इस फिल्म का म्यूजिक किसी भी आम बॉलीवुड फिल्म जैसा नहीं था. इसने भारत में हिप-हॉप और रैप कल्चर को घर-घर तक पहुंचा दिया. ‘अपना टाइम आएगा’ गाना तो युवाओं के लिए एक एंथम बन गया था. देसी रैपर्स की मेहनत और जोया अख्तर के विजन ने इस फिल्म को एक कल्ट बना दिया. (फोटो साभार: IMDb)
बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, ‘गली बॉय’ ने भारत में 140 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. दुनियाभर में फिल्म की टोटल कमाई 238 करोड़ हुई थी. खास बात है कि ‘गली बॉय’ ने अवॉर्ड फंक्शन्स में ऐसी लूट मचाई कि बाकी फिल्में बस देखती रह गईं. फिल्म ने 10-20 नहीं, बल्कि 76 अवॉर्ड्स अपने नाम किए. इसमें 13 तो सिर्फ फिल्मफेयर अवॉर्ड ही शामिल हैं. रणवीर सिंह ने बेस्ट एक्टर, आलिया भट्ट बेस्ट एक्ट्रेस और सिद्धांत चतुर्वेदी ने बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर जीता था. (फोटो साभार: IMDb)


