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kitchen garden model: कम जगह की चिंता किए बिना मात्र 80 स्क्वायर फीट की छोटी सी जमीन पर आप एक शानदार किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं. यह छोटा सा हिस्सा आपके पूरे परिवार को रोजाना आधा किलो ताजी सब्जियां देने के लिए पर्याप्त है. इसकी शुरुआत एक सही जगह के चुनाव और मिट्टी की गहरी तैयारी से होती है. मिट्टी को एक बार नहीं, बल्कि दो से तीन बार कोड़कर कुछ दिनों के लिए धूप में खुला छोड़ देना चाहिए. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं.
रांची में गार्डन एक्सपर्ट मनोज बताते हैं, मिट्टी तैयार होने के बाद इसमें प्राकृतिक खाद का मिश्रण मिलाना सबसे महत्वपूर्ण कदम है. इसमें थोड़ा चूना, गोबर की खाद, केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट) और घर के किचन वेस्ट से बनी खाद का उपयोग करना चाहिए.
इस मिश्रण को डालने के बाद फिर से दो दिनों तक धूप लगने दें और उसके बाद ही बीजों का रोपण करें. इस छोटी सी जगह में आप पत्तागोभी, फूलगोभी, बीन्स, मटर, धनिया पत्ता और लहसुन जैसी चार-पांच तरह की सब्जियां एक साथ उगा सकते हैं.
पौधों की सुरक्षा के लिए रसायनों के बजाय घरेलू नुस्खे अपनाना बेहतर होता है. जब फसल थोड़ी बड़ी होने लगे, तो समय-समय पर लकड़ी या पत्तों की राख का छिड़काव करें. राख न केवल जड़ों को मजबूती देती है, बल्कि प्राकृतिक रूप से कीड़ों को भी दूर रखती है. इसके अलावा, नीम के पत्तों को उबालकर उसके पानी का छिड़काव करने से कीटों का हमला नहीं होता.
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किचन गार्डन की सफलता के लिए पानी और धूप का संतुलन सबसे जरूरी है. पौधों को कम से कम 6 घंटे की सीधी धूप मिलना अनिवार्य है. पानी देते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मिट्टी में हमेशा जलजमाव न हो.
जब मिट्टी की ऊपरी नमी पूरी तरह सूख जाए, तभी दोबारा पानी देना चाहिए, क्योंकि अधिक पानी आपकी पूरी मेहनत खराब कर सकता है. इन सरल तकनीकों को अपनाकर कोई भी व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है और बाजार की मिलावटी सब्जियों से बचकर घर की शुद्ध सब्जी का आनंद ले सकता है.


