कूलर खरीदकर नहीं…. बनाकर बेचने में फायदा! दुकानदार का ये आइडिया गर्मी में करा देगा तगड़ी कमाई

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Summer Business Idea: अगर आप गर्मी में कुछ नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो ये बिजनेस आइडिया आपके काम आएगा. खंडवा के एक व्यापारी ने अपना अनुभव साझा किया. ये व्यापारी बरसात खत्म होते ही कूलर बनाने में लग जाते हैं और पूरी गर्मी सेल करते हैं. जानें तरीका, लागत और मुनाफा…

Khandwa News: अगर आप गर्मी सीजन को देखते हुए कुछ नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो ये आइडिया आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. फरवरी खत्म होते ही दिन में गर्मी का अहसास शुरू हो जाएगा. बाजार में पंखे, कूलर और एसी की पूछ बढ़ जाएगी. मार्च से जून तक का समय इलेक्ट्रिकल सामान के कारोबारियों के लिए गोल्डन सीजन माना जाता है. ऐसे में जो युवा काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए कूलर मैन्युफैक्चरिंग और सेल का बिजनेस अच्छा मौका साबित हो सकता है.

पूरी सर्दी बनाते हैं कूलर, गर्मी में बिक्री 
गर्मी शुरू होते ही हर घर में कूलर और पंखों की जरूरत पड़ती है. खासकर छोटे शहरों और कस्बों में कूलर की डिमांड ज्यादा रहती है. मध्य प्रदेश के खंडवा में कई सालों से इलेक्ट्रिकल कारोबार कर रहे सुधीर पटेल बताते हैं कि दुकानदार इस सीजन का पूरे साल इंतजार करते हैं. जैसे ही बरसात खत्म होती है, वे कूलर बनाने की तैयारी शुरू कर देते हैं, ताकि गर्मी में स्टॉक की कमी न रहे.

इस काम कितनी लागत?
अगर कोई युवा इस बिजनेस में उतरना चाहता है तो शुरुआत में करीब 4 से 5 लाख रुपये की जरूरत होगी. शुरुआत में रेडीमेड कूलर और पंखे बेच सकते हैं. लेकिन, ज्यादा मुनाफा खुद कूलर बनाने (मैन्युफैक्चरिंग) में है. इसके लिए कुशल मिस्त्री और भरोसेमंद कारीगर होना जरूरी है.

कैसे बनता है कूलर?
कूलर बनाने के लिए गैस वेल्डिंग मशीन, रोलर मशीन, कंप्रेशर और प्रेस मशीन जैसी मशीनों की जरूरत पड़ती है. कच्चा माल भोपाल और इंदौर जैसे शहरों से मंगाया जाता है. दो कुशल मिस्त्री मिलकर दो दिन में 6 से 8 कूलर तैयार कर सकते हैं. सुधीर पटेल के मुताबिक, लोहे के कूलर में मुनाफा अच्छा होता है, जबकि फाइबर कूलर बड़ी कंपनियां बनाती हैं, जिसमें मार्जिन कम रहता है.

इतनी कमाई की उम्मीद
अगर 5 लाख रुपये की लागत से काम शुरू किया जाए तो सीजन में 30 से 40 हजार रुपये महीना आराम से कमाए जा सकते हैं. सीजन अच्छा रहा तो एक ही गर्मी में लागत निकल सकती है. हालांकि, यह पूरी तरह बाजार की डिमांड, मौसम और ग्राहक की पसंद पर निर्भर करता है. सुधीर पटेल का कहना है कि इस बिजनेस में फायदा ज्यादा है, लेकिन रिस्क भी है. अगर गर्मी कम पड़ी तो बिक्री प्रभावित हो सकती है. फिर भी, सही क्वालिटी और अच्छे व्यवहार के साथ यह कारोबार तेजी से आगे बढ़ सकता है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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