Last Updated:
Purnia Famous Chola Bhatura: पूर्णिया बस स्टैंड के सामने भूषण छोले भटूरे की दुकान लगती है. यहां गुलशन गुप्ता 16 साल से स्वादिष्ट छोले-भटूरे और जीरा राइस परोस रहे हैं. घर के मसालों से तैयार इनके खाने में इतना स्वाद होता है और कीमत इतनी कम है कि रोज 200 से ज्यादा प्लेट बिकती हैं.
पूर्णिया. आजकल 10 रुपये में अच्छा बिस्कुट भी नहीं मिलता, लेकिन पूर्णिया के सरकारी बस स्टैंड के सामने भूषण छोले भटूरे की दुकान में 10 रुपये में छोले-भटूरे का स्वाद मिल जाता है. इसी वजह से यह दुकान काफी मशहूर है. रोजाना इस दुकान में 16 किलो से अधिक आटा और 14 किलो तक काबुली चना की खपत होती है. आमतौर पर छोला भटूरा खाना हर किसी को पसंद होता है. अगर आप भी इसके शौकीन हैं तो पूर्णिया में इस जगह पर एक बार जरूर जाएं. यहां आपको भूषण छोले भटूरे की दुकान मिलेगी, जिसका स्वाद चखने के बाद भूल नहीं पाएंगे.
10 रुपये में मिलेगा स्वाद
यहां 10 रुपये प्रति पीस यानी क्वार्टर प्लेट के हिसाब से छोले भटूरे और जीरा राइस का स्वाद मिलता है. दाम कम होने के बावजूद स्वाद बहुत लाजवाब होता है. इसलिए सुबह से शाम तक यहां 200 से अधिक प्लेट की बिक्री हो जाती है. अगर आपको भी छोला भटूरा खाना है तो पूर्णिया बस स्टैंड के सामने विकास बाजार के कोने पर भूषण छोले भटूरे की यह दुकान मिल जाएगी.
जीरा राइस भी मिलता है
इस दुकान में 10 रुपये प्रति पीस के हिसाब से 30 रुपये में तीन पीस की एक प्लेट छोले भटूरे मिलते हैं. साथ ही 10 रुपये में क्वार्टर प्लेट जीरा राइस भी मिलता है. यहां के छोले और भटूरे स्वाद में बहुत खास होते हैं. आसपास चार-पांच और दुकानें भी हैं, लेकिन सबसे ज्यादा स्वाद इनके छोले और भटूरे में ही मिलता है. छोले भटूरे खाने आए ग्राहक मुरलीधर गोस्वामी, रंजीत कुमार सहित अन्य लोगों का कहना है कि यहां का स्वाद लाजवाब है, इसलिए वे रोजाना यहां आकर छोले भटूरे खाते हैं.
घर पर बने मसालों का करते हैं इस्तेमाल
दुकान के मालिक गुलशन गुप्ता बताते हैं कि वे पिछले 16 वर्षों से पूर्णिया में इसी जगह पर दुकान लगा रहे हैं. पहले जैसा स्वाद ग्राहकों को मिलता था, वही स्वाद आज भी बरकरार है. इसका कारण बताते हुए वे कहते हैं कि वे बाजार के तैयार मसाले का इस्तेमाल नहीं करते. घर पर ही छोले के लिए सभी घरेलू मसाले तैयार करते हैं और उसी मसाले से छोले और भटूरे बनाते हैं, जो स्वाद में काफी मजेदार होता है. ग्राहक खाने के बाद उनकी खूब तारीफ करते हैं. वे बताते हैं कि उनकी दुकान पर रोजाना करीब 20 किलो आटा और 15 किलो काबुली चना की खपत हो जाती है, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता है.
About the Author
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें


