Last Updated:
Hair Care Tips: सर्दी हो या गर्मी, डैंड्रफ और सिर की खुजली आज आम समस्या बन गई है. महंगे शैंपू के बावजूद राहत नहीं मिलने पर लोग नीम और दही के घरेलू नुस्खे की ओर लौट रहे हैं. नीम के एंटी-फंगल गुण और दही का लैक्टिक एसिड स्कैल्प को साफ और संतुलित रखते हैं. यह मिश्रण फंगस, पपड़ी और खुजली को कम करता है. नियमित उपयोग से बाल मजबूत बनते हैं और स्कैल्प स्वस्थ रहती है. सही तरीके और सावधानी के साथ अपनाने पर यह उपाय सस्ता, सुरक्षित और प्रभावी साबित हो सकता है.
सर्दी हो या गर्मी, डैंड्रफ और सिर की खुजली आजकल आम समस्या बन गई है. महंगे शैंपू और ट्रीटमेंट के बावजूद कई लोगों को राहत नहीं मिल पा रही. ऐसे में रसोई में मौजूद नीम और दही का घरेलू नुस्खा फिर से चर्चा में है. बुजुर्गों द्वारा सुझाया गया यह उपाय प्राकृतिक, सस्ता और असरदार माना जा रहा है. नीम के एंटीबैक्टीरियल गुण और दही की ठंडक सिर की खुजली, रूसी और संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं. नियमित इस्तेमाल से बाल मजबूत बनते हैं और स्कैल्प स्वस्थ रहती है. लोग इसके अच्छे परिणाम मिलने का दावा कर रहे हैं.
डैंड्रफ की मुख्य वजह स्कैल्प पर पनपने वाला ‘Malassezia’ नाम का फंगस है. यह फंगस सिर की त्वचा में मौजूद प्राकृतिक तेल पर तेजी से बढ़ता है और पपड़ी, खुजली व जलन जैसी समस्याएं पैदा करता है. समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है, जिससे बाल झड़ने लगते हैं. लंबे समय तक डैंड्रफ बने रहने से स्कैल्प इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में एंटी-फंगल गुणों वाले प्राकृतिक और घरेलू उपाय डैंड्रफ को जड़ से खत्म करने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं.
नीम को आयुर्वेद में ‘कंडू-घ्न’ यानी खुजली मिटाने वाला माना गया है. नीम में मौजूद ‘निम्बिडिन’ तत्व मजबूत एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. यह स्कैल्प पर पनप रहे फंगस को खत्म करने में मदद करता है और संक्रमण को बढ़ने से रोकता है. नीम का नियमित उपयोग रूसी, खुजली और जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. यही कारण है कि कई हर्बल शैंपू, तेल और हेयर मास्क में नीम का इस्तेमाल किया जाता है. यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है और स्कैल्प को स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
वहीं दही भी इस घरेलू नुस्खे का अहम हिस्सा माना जाता है. दही में मौजूद लैक्टिक एसिड स्कैल्प के pH स्तर को संतुलित करने में मदद करता है. यह सिर की डेड स्किन को हटाकर त्वचा को साफ करता है और साथ ही प्राकृतिक मॉइस्चर भी देता है. आयुर्वेद के अनुसार दही ‘स्निग्ध’ गुण वाला होता है, जो सूखी त्वचा यानी ‘वात’ को शांत करता है. इस तरह नीम और दही का मिश्रण स्कैल्प में मौजूद ‘कफ’ यानी पपड़ी और खुजली को कम करने में सहायक साबित होता है. नियमित उपयोग से स्कैल्प स्वस्थ और बाल मजबूत बनते हैं.
इसे इस्तेमाल करने का तरीका भी बेहद आसान है. सबसे पहले मुट्ठी भर ताजे नीम के पत्ते लेकर उन्हें अच्छी तरह पीस लें. अगर ताजे पत्ते उपलब्ध न हों तो नीम पाउडर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसमें खट्टा दही मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगाएं और करीब 30 मिनट तक लगा रहने दें. इसके बाद हल्के शैंपू से बाल धो लें. हफ्ते में एक या दो बार यह उपाय दोहराने से डैंड्रफ और खुजली में स्पष्ट फर्क दिखने लगता है. नियमित प्रयोग से स्कैल्प स्वस्थ रहती है और बाल मजबूत बनते हैं.
कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी है. दही की तासीर ठंडी होती है, इसलिए सर्दियों में इसे धूप में बैठकर लगाना बेहतर माना जाता है. पेस्ट लगाते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि यह आंखों में न जाए, क्योंकि नीम से जलन हो सकती है. अगर स्कैल्प पर पहले से कोई घाव, फोड़े या ज्यादा एलर्जी की समस्या हो तो इस नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें. संवेदनशील त्वचा वाले लोग पहले कम मात्रा में प्रयोग करें. किसी भी तरह की जलन, खुजली या परेशानी बढ़ने पर तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें. नियमित सावधानी से यह उपाय सुरक्षित और प्रभावी साबित हो सकता है.
नीम और दही का यह घरेलू नुस्खा कम खर्च में डैंड्रफ और खुजली से राहत दिलाने का आसान और प्रभावी तरीका माना जा रहा है. दादी-नानी के इस आजमाए हुए उपाय को नियमित रूप से अपनाने से स्कैल्प साफ, स्वस्थ और संतुलित बनी रहती है. प्राकृतिक तत्वों से तैयार यह नुस्खा बालों की जड़ों को मजबूत करता है और रूसी की समस्या को धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है. हालांकि, किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना समझदारी होगी, ताकि आपकी स्कैल्प की स्थिति के अनुसार सही मार्गदर्शन मिल सके और समस्या जड़ से खत्म होकर बाल लंबे समय तक स्वस्थ बने रहें.


