78 साल के विशकिशोर ठाकुर ने फिटनेस और पढ़ाई में जीता गोल्ड मेडल

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Ranchi Vishkishore Thakur Fitness : रांची के विशकिशोर ठाकुर 78 साल की उम्र में भी फिट हैं. उन्हें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से एस्ट्रोलॉजी में गोल्ड मेडल मिला चुका है. वह 75 साल की उम्र में मास्टर्स किए हैं. अब वह पीएचडी कर रहे हैं.

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रांची: आजकल के बच्चे जहां पढ़ाई से भागते हैं. वहीं, रांची के विशकिशोर ठाकुर, जो आज 78 साल की उम्र में भी एकदम फिट हैं, इतना ही नहीं, देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा एस्ट्रोलॉजी में उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला है. राष्ट्रपति ने तारीफ भी की थी और कहा कि इस उम्र में इतनी ऊर्जा और इतनी पढ़ाई ऐसा तो पहली बार देख रहा हूं. उन्होंने 75 साल में मास्टर्स किया और अब पीएचडी कर रहे हैं. यह भी पढ़ाई 2 महीने में कंप्लीट हो जाएगी.

विशकिशोर ठाकुर ने लोकल 18 को बताया कि इसके बाद वह एलएलबी की तैयारी करेंगे. वह सरकारी स्कूल के हेड मास्टर के तौर पर जॉब करते थे. वहीं, से पढ़ने का और पढ़ाने की आदत लग गई. जहां रिटायरमेंट के बाद भी पढ़ने का मन करता था तो सोचा खाली समय को गंवाने से क्यों ना अच्छा है कि कोई कोर्स करके नई-नई चीजों को सीखा जाए.

जब तक जिंदगी है तब तक सीखेंगे

उन्होंने आगे बताया कि जब तक जिंदगी है. जब तक मौत नहीं आती है. वह तब तक पढ़ना चाहते हैं. मरने के पहले तक पढ़ते रहना चाहता हैं. क्योंकि पढ़ाई एक ऐसी चीज है. सिर्फ एक ही क्षेत्र नहीं, एस्ट्रोलॉजी से लेकर वकील हर एक क्षेत्र की पढ़ाई करना चाहते हैं. जहां हर क्षेत्र का अपना अनुभव है. यह अनुभव लेना बहुत ही मजेदार होता है. खाली बैठकर क्यों इधर-उधर देखते रहना, इस समय का सदुपयोग किया जाए.

विशकिशोर ठाकुर ने अपने फिटनेस के बारे में बताते हैं कि वह सुबह में एक चम्मच च्यवनप्राश खाते हैं. वह बाहर का कुछ भी नहीं खाते हैं. केवल घर का खाना खाता हैं. वह तेल मसाला सब कुछ 20 साल पहले ही छोड़ चुके हैं. वह हर दिन कम से कम 4 किलोमीटर वॉकिंग करते हैं. बच्चे टोकते हैं कि गाड़ी से जाइए. स्कूटी हमारे पास वह ले लीजिए. वह सबकुछ मना कर देते हैं. वह बोलते हैं कि मुझे कुछ नहीं चाहिए. बॉडी का कसरत कैसे होगा. इसीलिए कम से कम 4 किलोमीटर तो डेली चलते हैं. कभी-कभी तो 6 से 7 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं.

चलने से शरीर को मिलती है ऊर्जा

विशकिशोर ठाकुर बताते हैं कि खूब चलने से शरीर में ऊर्जा आती है. आजकल इतना साइकिल मोटरसाइकिल सब कुछ हो गया है कि लोग चलना छोड़ चुके हैं. यही बीमारी का कारण है. खूब चलिए पसीने निकालिए और फिर देखिए बॉडी कैसे फिट रहती है. वह पिछले 40 साल से यही कर रहे हैं. इसीलिए 78 साल की उम्र में भी मुझे उन्हें एक भी बीमारी नहीं है. चश्मे भी नहीं लगाते हैं.बीपी शुगर वगैरह कुछ भी नहीं है. यही उनकी सफलता और फिटनेस का राज है और पढ़ाई में भी पर बहुत अच्छा खासा मन लगता है. अब गोल्ड मेडलिस्ट हूं तो आप समझ सकते हैं कि कितनी अच्छी से पढ़ाई की होगी.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें

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