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त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने पर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं. फूड सेफ्टी विभाग ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. अधिकारी मिठाई दुकानों और बाहर से आने वाले वाहनों पर नजर रखे हुए हैं. खासकर दूध, खोया और पनीर में मिलावट की जा रही है, जिससे मिठाइयों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. विभाग ने उपभोक्ताओं से मिलावटी उत्पादों की शिकायत करने की अपील की है, ताकि कार्रवाई की जा सके.
बहराइच. त्योहारों का सीजन आते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं. त्योहारों में मिठाइयों की डिमांड अधिक होती है और अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटखोर जमकर मिठाइयों में मिलावट करते हैं. इन पर शिकंजा कसने के लिए फूड सेफ्टी विभाग ने अपनी टीम तैनात कर दी है, अधिकारी अब मिलावटखोरों पर नजर रखे हुए हैं और मिष्ठान संस्थानों की जांच कर रहे हैं.
मिलावटखोरों की खैर नहीं: ऐसे रखी जा रही निगरानी!
फूड सेफ्टी विभाग त्योहारों के दौरान मिलावटखोरों पर पैनी नजर बनाए हुए है, खासकर बाहरी वाहनों पर. अक्सर मिलावटखोर बाहरी मिलावटी खाद्य पदार्थों को बाजार में उतारते हैं, जिससे विभाग अब स्थानीय स्तर के साथ-साथ बाहर से आने वाले वाहनों पर भी नजर रख रहा है.
मिठाइयों में मिलावट: क्या क्या डालते हैं मिलावटखोर?
क्या आपने कभी सोचा है कि मिठाइयों की कीमतें एक दुकान से दूसरी दुकान में क्यों बदलती रहती हैं? उदाहरण के तौर पर, अगर आपको खोया की बर्फी खरीदनी है तो एक दुकान पर उसका रेट अलग होगा और दूसरी दुकान पर कुछ और इसका कारण यह है कि मिलावटखोर खोया में चीनी की मात्रा बढ़ाकर मिठाई की कीमत घटाते हैं. खोया का रेट 300-400 रुपये प्रति किलो है, जबकि चीनी 50-60 रुपये प्रति किलो बिकती है. इस तरह मिलावटखोर मिठाइयों की गुणवत्ता कम करके मुनाफा कमाते हैं.
मिठाइयों में मिलाए जाने वाले मुख्य मिलावटी पदार्थ
दूध, खोया और पनीर में सबसे ज्यादा मिलावट की जाती है, दूध में पानी मिलाने की प्रक्रिया सबसे सामान्य है. कई बार दुकानदार बाजार से जो दूध खरीदते हैं, उसमें आधा पानी मिला होता है, जिससे वे कम लागत पर अधिक दूध बेचते हैं. पनीर में भी मिलावट होती है, जब गर्म पनीर को पानी में डालते हैं, तो वह पानी को अवशोषित कर लेता है और वजन बढ़ा लेता है. इसी तरह खोया में भी आलू, आरारोट जैसी चीजें मिलाकर उसकी गुणवत्ता घटा दी जाती है. यदि आप भी कभी मिलावटी मिठाई के शिकार हो जाएं तो तुरंत फूड सेफ्टी विभाग को शिकायत करें. विभाग उस संस्थान पर कड़ी कार्रवाई करेगा जिसने आपको मिलावटी सामान बेचा है.
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