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वाराणसी प्रसिद्ध पिकनिक स्थल: धर्म नगरी काशी, यानी वाराणसी, गंगा तट पर बसा एक बेहद खूबसूरत और आध्यात्मिक शहर है. यहां के घाट और मंदिर दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं, लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसी जगहें हैं जहां लोग परिवार और दोस्तों के साथ सुकून भरे पल बिता सकते हैं. काशी में एक इंटरनेशनल टूरिस्ट स्पॉट भी है, जो प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के कारण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. अगर आप भी पिकनिक या घूमने की योजना बना रहे हैं, तो यह जगह आपके लिए खास साबित हो सकती है.
सारनाथ में मिनी जू, डियर पार्क, म्यूजियम, मंदिर, बुद्ध थीम पार्क, धरोहर जैसी कई खास चींजे है. जिन्हें आप एक जगह देख सकतें है. यह जगह महात्मा बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली भी है. इसलिए यहां बड़ी संख्या में विदेशों से भी पर्यटक आते है.
जापान, कम्बोडिया, श्रीलंका, थाईलैंड, चीन, मंगोलिया, तिब्बत सहित कई बौद्ध देशों के लिए यह जगह विशेष आस्था का केंद्र भी है. यहां महात्मा बुद्ध का मंदिर है, जहां साल में दो बार उनके अस्थि अवशेष के दर्शन होते है.
इसके अलावा यहां जापानी मंदिर भी है जो जापान के कलाकृति पर आधारित है. यह जगह सनातन आस्था का भी का भी केंद्र है. यहां भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर भी है. जिसे सारंगनाथ महादेव के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर में एक अरधे में दो शिवलिंग विराजमान है.
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वहीं यहां के मिनी जू में आप बच्चों और दोस्तों के साथ फूल मस्ती कर सकतें है. इस मीनी जू में घड़ियाल, मगरमच्छ के साथ कछुओं की ढेरों प्रजाति एक जगह देखने को मिलती है. इसके अलावा सारस, शुतुरमुर्ग, हंस, बगुला, तोता, मैना सहित कई पक्षियों की अद्भुत प्रजाति को भी आप यहां देख पाएंगे.
सारनाथ में डियर पार्क भी है. इस डियर पार्क में 500 से ज्यादा हिरण है. इसके अलावा यहां काला हिरण भी है. इतना ही नहीं इस पार्क में बारसिंगा भी रहते है. यह पार्क भी खासा आकर्षक का केंद्र होता है.
सारनाथ में चौखंडी स्तूप के अलावा धर्म स्तूप भी है. इसी चौखंडी स्तूप पर शाम होने के साथ आप लाइट एंड साउंड शो का मजा भी ले सकतें है. यह लाइट एंड साउंड शो महात्मा बुद्ध के जीवन पर आधारित है. जिसे विभिन्न भाषाओं में प्रसारित किया जाता है.
इसके अलावा सारनाथ का म्यूजियम भी काफी खास है. इस म्यूजियम में बौद्ध कला के मूर्तियों का सबसे अद्भुत और अनोखा संग्रह है. यह मूर्तियां ईसा पूर्व की है, जिसे यहां संरक्षित रखा गया है. यह पुरातत्व संग्रहालय है, जिसकी देखरेख का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण करता है.
एक आकंड़े के मुताबिक, इस म्यूजियम में 6800 से ज्यादा प्राचीन मूर्तियां है. इसी म्यूजियम में अशोक स्तम्भ का मूल स्ट्रचर भी है. जो बलुआ पत्थर से बना है. यह अशोक स्तम्भ 250 ईसा पूर्व स्थापित किया गया था.
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