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AI समिट में प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अरेस्ट करने हिमाचल पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम को हिरासत में ले लिया गया. अक्सर बिना इजाजत दूसरे राज्य या देश की सीमा लांघना पुलिस टीमों पर भारी पड़ जाता है. साल 2025 में नेपाल में पंजाब पुलिस को हिरासत में लेने का मामला हो या तेजेंदर सिंह बग्गा केस में हरियाणा पुलिस की कार्रवाई, इन घटनाओं ने प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर सवाल खड़े किए. मर्यादा टूटने पर खाकी को ही खाकी ने घेरा जिससे न केवल अंतरराज्यीय तनाव बढ़ा बल्कि राजनैतिक और राजनयिक संकट भी पैदा हुआ.
नेपाल में फंसी पंजाब पुलिस: साल 2025 की शुरुआत में पंजाब पुलिस की AGTF टीम को काठमांडू में नेपाल पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. टीम बिना अनुमति एक गैंगस्टर को पकड़ने गुप्त ऑपरेशन कर रही थी. इस घटना से भारत-नेपाल के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया. इसके बाद गृह मंत्रालय (MHA) ने सख्त निर्देश जारी किए कि कोई भी राज्य पुलिस बिना केंद्र की मंजूरी के विदेशों में ऑपरेशन नहीं करेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बिहार पुलिस बनाम मुंबई पुलिस: 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के लिए बिहार पुलिस की टीम मुंबई पहुंची. मुंबई पुलिस ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप माना. बिहार के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को मुंबई पहुंचने पर बीएमसी और पुलिस की मदद से जबरन क्वारंटीन (हिरासत का एक रूप) कर दिया गया जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी गलत माना था. (File Photo)
पश्चिम बंगाल पुलिस बनाम सीबीआई: फरवरी 2019 में जब सीबीआई की टीम तत्कालीन पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पूछताछ करने पहुंची तो कोलकाता पुलिस ने सीबीआई अधिकारियों को ही हिरासत में ले लिया और उन्हें जबरन थाने ले गई. हालांकि सीबीआई राज्य पुलिस नहीं है लेकिन यह मामला दो सत्ताओं (केंद्र बनाम राज्य) के बीच पुलिसिया टकराव का सबसे बड़ा उदाहरण बना. (PTI)
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राजस्थान पुलिस बनाम उत्तर प्रदेश पुलिस: मई 2022 में राजस्थान पुलिस की एक टीम मशहूर न्यूज एंकर को गिरफ्तार करने नोएडा पहुंची. उत्तर प्रदेश पुलिस ने राजस्थान पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया और बिना अनुमति के कार्रवाई की. यूपी पुलिस ने राजस्थान की टीम को घंटों हिरासत में रखा और उन्हें बिना गिरफ्तारी के वापस जाने पर मजबूर कर दिया. (File Photo)
छत्तीसगढ़ पुलिस बनाम उत्तर प्रदेश पुलिस: जुलाई 2022 में छत्तीसगढ़ पुलिस प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के एंकर रोहित रंजन को गिरफ्तार करने गाजियाबाद पहुंची. यूपी पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई को बिना सूचना के की गई अवैध घुसपैठ माना. मौके पर दोनों राज्यों की पुलिस में जमकर धक्का-मुक्की हुई और यूपी पुलिस ने छत्तीसगढ़ की टीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की और आरोपी को अपनी कस्टडी में ले लिया. (News18)
पंजाब बनाम दिल्ली- हरियाणा पुलिस: मई 2022 में पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तजिंदर बग्गा को दिल्ली से गिरफ्तार किया. दिल्ली पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया. जब पंजाब पुलिस की टीम बग्गा को लेकर मोहाली जा रही थी तो हरियाणा पुलिस ने कुरुक्षेत्र में उन्हें रोककर पूरी टीम को हिरासत में ले लिया. बाद में दिल्ली पुलिस ने बग्गा की कस्टडी वापस ली. (File Photo)


