उज्जैन. हिंदू परंपरा में एकादशी का व्रत अत्यंत पावन और पुण्यदायक माना गया है. वर्षभर में 24 एकादशी तिथियां आती हैं, जो प्रत्येक माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष में दो बार पड़ती हैं.इस पावन दिन पर भगवान भगवान विष्णु और माता माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है.श्रद्धा और आस्था के साथ किया गया व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति प्रदान करता है.
मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन मास आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस महीने में आने वाली एकादशी का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है. इस दिन किया गया जप, तप और दान विशेष फलदायी माना जाता है. इसी क्रम में जल्द आमलकी (रंगभरी) एकादशी आ रही है.इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से विशेष पुण्य मिलता है.
उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार यदि इस दिन तुलसी के कुछ सरल उपाय किए जाएं, तो पूरे वर्ष लक्ष्मी-नारायण की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.
कब मनाई जाएगी आमलकी एकादशी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 27 फरवरी को रात 12 बजकर 33 मिनिट के लगभग शुरू होकर उसी दिन रात 10 बजकर 32 मिनिट तक रहेगी. ऐसे में साल 2026 में यह व्रत 27 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा.
जरूर करे इस तुलसी से जुड़े उपाय
1. यदि कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिल रही या धन टिक नहीं पा रहा है, तो एकादशी के दिन स्नान-ध्यान कर भगवान भगवान विष्णु और माता माता लक्ष्मी की पूजा करे. गाय के कच्चे दूध में तुलसी मिलाकर अभिषेक करे. मान्यता है, इससे आर्थिक परेशानियां दूर होकर समृद्धि बढ़ती है.
2. यदि नौकरी में बार-बार रुकावटें आ रही हों और प्रयास सफल नहीं हो रहे हों, तो एकादशी के दिन पवित्र तुलसी के पास 11, 21 या 51 दीपक प्रज्वलित करें. इसके बाद श्रद्धा से तुलसी चालीसा का पाठ करें. मान्यता है कि इस उपाय से बाधाएं दूर होकर करियर में सफलता के मार्ग खुलते हैं.
3. मां माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए लोग प्रतिदिन अनेक उपाय करते हैं, लेकिन एकादशी का दिन विशेष फलदायी माना गया है.इस पावन तिथि पर तुलसी माता को सिंदूर, चूड़ी, चुनरी या अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करने से धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
4. विष्णु को समर्पित एकादशी के पावन दिन, तुलसी के गमले या तने पर पीला कलावा या सूती धागा सात बार श्रद्धापूर्वक बांधें. हर फेरा लगाते समय अपनी मनोकामना मन ही मन दोहराएं. पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय है. यह सरल उपाय घर में शांति, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है. 5. अगर वैवाहिक जीवन में बाधाएं आ रही हैं या शादी में लगातार देरी हो रही है, तो तुलसी के पौधे के समीप
बैठकर श्रद्धा भाव से “तुलसी नामाष्टक” का पाठ करें.मां तुलसी के आठ पवित्र नामों का स्मरण मनोकामनाओं को पूर्ण करने और दांपत्य जीवन में सुख-शांति लाने में अत्यंत प्रभावी माना गया.


