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Gau vats palan yojana : जांजगीर-चांपा में किसानों की आय बढ़ाने के लिए “गौ वत्स पालन योजना” चलाई जा रही है. वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एल. ओग्रेय के अनुसार, कृत्रिम गर्भाधान से जन्मी बछिया के पालन हेतु सरकार आर्थिक सहायता और पशु आहार उपलब्ध कराती है. चार से 24 माह तक की बछिया के पोषण के लिए करीब एक वर्ष तक आहार दिया जाता है, जिससे वह स्वस्थ दुधारू पशु बन सके. योजना की इकाई लागत 19,500 रुपये है, जिसमें एससी-एसटी और अन्य वर्गों के लिए अलग-अलग अंशदान तय है. उद्देश्य देसी नस्ल संरक्षण, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालन को लाभकारी बनाना है.
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