कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुछ ऐसा होने जा रहा है, जिससे कई शहरों के लोगों को राहत मिलने वाली है. दरअसल, रामादेवी से गोल चौराहा तक बनने वाला फोरलेन एलिवेटेड कॉरिडोर अब शहर की तस्वीर बदलने जा रहा है. जैसे ही यह कॉरिडोर बनकर तैयार होगा, कानपुर से लखनऊ, दिल्ली, प्रयागराज, बनारस, कन्नौज और फर्रुखाबाद जाने वालों को शहर के जाम में फंसना नहीं पड़ेगा. लोग सीधे एलिवेटेड रोड पर चढ़ेंगे और बिना रुकावट अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे.
रोज साढ़े चार लाख वाहन, जाम से मिलेगी मुक्ति
भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गोल चौराहा से लेकर रामादेवी तक रोज करीब साढ़े चार लाख वाहन गुजरते हैं. जरीब चौकी, अफीमकोठी, टाटमिल और श्याम नगर जैसे प्रमुख चौराहों पर अक्सर भीषण जाम लगता है. घंटों लोग फंसे रहते हैं. ऑफिस जाने वाले हों, स्कूल के बच्चे हों या बाहर शहर जाने वाले यात्री, सभी को परेशानी उठानी पड़ती है.
अब एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद नीचे का ट्रैफिक अलग रहेगा और ऊपर से लंबी दूरी के वाहन सीधे निकल जाएंगे. इससे शहर के अंदर जाम का दबाव काफी कम हो जाएगा. खासकर वे लोग जो रामादेवी से फतेहपुर होते हुए प्रयागराज और बनारस जाते हैं या हाईवे पकड़कर दिल्ली की ओर निकलते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा राहत मिलेगी.
मार्च में शिलान्यास, 988 करोड़ की लागत
सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की ओर से इस परियोजना के लिए 988.30 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है. करीब 10.160 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर कानपुर का पहला ऐसा बड़ा कॉरिडोर होगा. योजना है कि मार्च में इसका शिलान्यास किया जाए. संभावना है कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यानी 2028 तक यह कॉरिडोर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा.
50 लाख आबादी को सीधा फायदा
कानपुर की करीब 50 लाख की आबादी को इस परियोजना से सीधा फायदा मिलेगा. शहर के अंदर रोज लगने वाले जाम से लोगों को छुटकारा मिलेगा. व्यापारियों को समय पर माल की ढुलाई में आसानी होगी. बाहर से आने वाले यात्रियों को भी कानपुर पार करने में कम समय लगेगा.सबसे बड़ी बात यह है कि कानपुर अब ट्रैफिक जाम के लिए नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी के लिए जाना जाएगा. लखनऊ, दिल्ली, प्रयागराज, बनारस, कन्नौज और फर्रुखाबाद की ओर जाने वाला सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा. लोगों को अब घंटों जाम में खड़े रहने की मजबूरी नहीं होगी, बल्कि सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर से अपने रास्ते निकल सकेंगे.


