37 साल से नहीं सोए ये पुजारी! क्या है बालाजी धाम की अनोखी तपस्या का रहस्य? जानिए इस धाम की खास मान्यता

Date:


Last Updated:

बागपत. उत्तर प्रदेश के डूंडाहेड़ा गांव स्थित श्री बालाजी धाम आज आस्था और कठोर तपस्या का प्रमुख केंद्र बन चुका है. यहां के मुख्य पुजारी महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज पिछले 37 वर्षों से देश की उन्नति और विश्व शांति के संकल्प के साथ साधना में लीन हैं. वे न तो लेटकर विश्राम करते हैं और न ही सामान्य जीवन जीते हैं, बल्कि बैठकर और खड़े होकर ही भगवान हनुमान की आराधना करते हैं. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा और 21 दिन की परिक्रमा से हर मनोकामना पूर्ण होती है.

ख़बरें फटाफट

बागपत. उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के डूंडाहेड़ा गांव स्थित श्री बालाजी धाम आस्था और तपस्या का अद्भुत केंद्र बन चुका है. यहां के मुख्य पुजारी महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज पिछले 37 वर्षों से देश की उन्नति और विश्व शांति के लिए कठोर तपस्या कर रहे हैं. उनकी साधना और त्याग की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठते हैं.

37 वर्षों से न सोने का संकल्प, भक्ति में ही विश्राम
महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज का कहना है कि वे पिछले 37 वर्षों से लेटकर नहीं सोए हैं. वे या तो बैठकर या खड़े होकर ही आराधना करते हैं. उनका मानना है कि भगवान के नाम में ही उन्हें जो थोड़ी-बहुत निद्रा आती है, उसी में वे विश्राम कर लेते हैं. उन्होंने 16 वर्षों तक अन्न ग्रहण नहीं किया और साढ़े तीन वर्ष तक मौन व्रत धारण किया. इतना ही नहीं, वे करीब 45 हजार किलोमीटर की धार्मिक यात्रा भी कर चुके हैं. उनका जीवन पूर्णतः भगवान हनुमान की भक्ति को समर्पित है.

21 दिन की परिक्रमा से पूर्ण होती है मनोकामना
डूंडाहेड़ा स्थित श्री बालाजी धाम की विशेष मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु यहां 21 दिनों तक “सीताराम” का पाठ करते हुए परिक्रमा करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है. महामंडलेश्वर का दावा है कि इस धाम से कोई भी सच्चे मन से आने वाला भक्त खाली हाथ नहीं लौटा. यहां देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.

18 वर्ष पूर्व हुआ धाम का निर्माण
महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज ने बताया कि करीब 18 वर्ष पूर्व इस धाम का निर्माण कराया गया था. निर्माण के बाद से ही इसकी ख्याति लगातार बढ़ती गई. आज यह स्थान श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन चुका है. भक्तों का विश्वास है कि यहां आने से उनके संकट दूर होते हैं और भगवान हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

विशाल गौशाला और निरंतर भंडारा
इस धाम की एक और विशेषता यहां स्थित विशाल गौशाला है, जहां सैकड़ों गोवंशों की सेवा की जाती है. भक्त न केवल पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि गौशाला में श्रमदान भी करते हैं. धाम में निरंतर भंडारे का आयोजन होता रहता है, जिसमें दूर-दराज से आए श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं. महामंडलेश्वर का कहना है कि यह पूरा आश्रम भगवान हनुमान की कृपा से संचालित हो रहा है और यहां प्रतिदिन चमत्कारिक अनुभव भक्तों को महसूस होते हैं.

देश की उन्नति और विश्व शांति का संकल्प
महामंडलेश्वर भैया दास जी महाराज का मुख्य उद्देश्य केवल व्यक्तिगत साधना नहीं, बल्कि देश की उन्नति और विश्व शांति की कामना है. उनका कहना है कि वे अपनी तपस्या राष्ट्र और मानवता के कल्याण के लिए कर रहे हैं. बागपत का श्री बालाजी धाम आज आस्था, त्याग और सेवा का जीवंत उदाहरण बन चुका है, जहां श्रद्धालु विश्वास के साथ पहुंचते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होने की आशा लेकर लौटते हैं.

About the Author

Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

अगर कुंडली में है चंद्र ग्रहण का दोष, ना हो परेशान, बस कर लें ये उपाय

होमastroअगर कुंडली में है चंद्र ग्रहण का दोष,...

बांग्लादेशी जासूस रानी की कहानी, दिल्ली में निकाह, हापुड़ में घर, पुलिस को क्या-क्या मिला?

होमताजा खबरuttar-pradeshबांग्लादेशी रानी की कहानी, दिल्ली में निकाह,...